West Bengal: Suvendu Adhikari का बड़ा बयान, सबका साथ सबका विकास की जरुरत नहीं
सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि बड़ी संख्या में मुसलमानों को चुनावी ड्यूटी पर ममता सरकार ने तैनात किया था। रायगंज विधानसभा उपचुनाव में ड्यूटी पर केवल मुसलमान लगाए गए। रायगंज भाजपा की पक्की सीट है, फिर भी उपचुनाव में बीजेपी हार गई।

पश्चिम बंगाल में हाल ही में संपन्न हुए 4 विधानसभा सीटों के उपचुनावमें तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने क्लीन स्वीप करते हुए सभी सीटों पर कब्जा किया है। इसके बाद अब राज्य में उपचुनाव के नतीजों पर बीजेपी नेता और पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari ने चौंकाने वाला खुलासा किया है और ममता सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने लोकसभा चुनाव में 50 लाख हिंदुओं को वोट देने से रोकने के आरोप लगाए हैं और इसको लेकर उन्होंने एक आंकड़ा भी जारी किया है।
लोकतंत्र कहा है - सुवेंदु अधिकारी
बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा, 'हिंदुओं को वोट नहीं करने दिया जाता, लोकतंत्र कहां है? हम राष्ट्रपति से मिलना चाहते हैं। हम इलेक्शन कमीशन से मिलना चाहते है। उपचुनाव में 2 लाख हिंदुओं को वोट नहीं देने दिया गया। नॉन बंगाली को वोट देने से रोका गया है। 22 जुलाई को नॉर्थ कलकत्ता में बीजेपी CSC विक्टोरिया हाउस के सामने बड़ा प्रोटेस्ट करेगी। अगर हमें प्रोटेस्ट की परमिशन नहीं मिली तो हम कोर्ट जाएंगे।
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लोकसभा में 50 लाख हिंदुओं को वोट देने से रोका
सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि बड़ी संख्या में मुसलमानों को चुनावी ड्यूटी पर ममता सरकार ने तैनात किया था। रायगंज विधानसभा उपचुनाव में ड्यूटी पर केवल मुसलमान लगाए गए। रायगंज भाजपा की पक्की सीट है, फिर भी उपचुनाव में बीजेपी हार गई। इसके महत्वपूर्ण आंकड़े पर ध्यान दीजिए। 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 79775 वोट और टीएमसी को 59027 वोट मिले। 2024 के लोकसभा चुनाव में रायगंज विधानसभा में बीजेपी को 93402 वोट और टीएमसी को 46663 वोट मिले। इसके बस एक महीने बाद विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को 36402 और टीएमसी को 86479 वोट कैसे मिले?
बंगाल में हो रही हिंसा पर भी बरसे सुवेंदु अधिकारी
संदेशखाली, कूचबिहार, नादिया. हर जगह एक तरह की हिंसा हो रही है। हिंसा करने वाले एक पर्टिकुलर रिलिजन से आते हैं और टीएमसी के होते हैं। टीएमसी वोट बैंक के लिए अपीजमेंट की राजनीति करती है। यहां एक्सटॉर्शन मनी को लेकर विवाद आम ह। काउंसलर एक्सटॉर्शन का ज्यादा हिस्सा चाहता था, मगर नहीं मिलने से नाराज हुआ।
मतदान करने से रोके गए लोगों से मिले राज्यपाल
पश्चिम बंगाल में हाल में हुए चुनावों में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर मताधिकार का प्रयोग करने से रोके गए कम से कम 100 मतदाताओं ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मुलाकात की। मतदाताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें उपचुनावों में और लोकसभा चुनावों के दौरान मताधिकार का प्रयोग नहीं करने दिया गया। बोस ने मंगलवार को इन लोगों से बातचीत की और उन्हें मामले पर गौर करने का आश्वासन दिया। इन लोगों ने सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में राज्यपाल से मुलाकात की। राजभवन में बोस से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगेंगे और इन मतदाताओं को उनके पास ले जाएंगे, ताकि वे (मतदाता) उन 'अत्याचारों के बारे में बता सकें जिनसे वे गुजर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति देश की संवैधानिक प्रमुख हैं और उन्हें भी जानकारी होनी चाहिए कि पश्चिम बंगाल में क्या हो रहा है। इसे जारी रहने नहीं दिया जा सकता। मैं उनसे मिलने का समय मांगूंगा और इनमें से पांच लोगों को उनसे मिलवाने ले जाऊंगा।
