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रक्षाबंधन 2026: भद्रा और चंद्र ग्रहण का नहीं होगा असर, जानें राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त और समय

रक्षाबंधन 2026 को लेकर भद्रा काल और चंद्र ग्रहण की वजह से लोगों में कई सवाल हैं। क्या राखी बांधने के लिए सही समय मिलेगा और कौन सा मुहूर्त सबसे शुभ रहेगा? जानिए इस बार त्योहार से जुड़ी खास जानकारी और क्यों नहीं पड़ेगा ग्रहण का असर।

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AI Generated

In Short

  • रक्षाबंधन 2026 पर भद्रा काल और चंद्र ग्रहण का असर नहीं पड़ेगा, बहनें शुभ समय में बांध सकेंगी राखी।
  • राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 5:58 बजे से 10:53 बजे तक रहेगा।
  • अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:04 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा, इस समय राखी बांधना भी शुभ माना गया है।

रक्षाबंधन का त्योहार इस बार शुक्रवार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। भाई-बहन के प्यार और विश्वास का यह पर्व हर साल सावन पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। हालांकि इस बार सावन पूर्णिमा पर भद्रा काल और चंद्र ग्रहण को लेकर लोगों के बीच तारीख और शुभ मुहूर्त को लेकर भ्रम बना हुआ है। ऐसे में जानना जरूरी है कि राखी बांधने का सही समय क्या रहेगा।

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भद्रा काल का रक्षाबंधन पर नहीं पड़ेगा असर
हिंदू पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर होगी और यह 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर समाप्त होगी। वहीं भद्रा काल 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 9 मिनट से शुरू होकर रात 9 बजकर 25 मिनट तक रहेगा।

क्योंकि रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा इसलिए सावन पूर्णिमा पर लगने वाली भद्रा का असर रक्षाबंधन पर नहीं पड़ेगा। बहनें शुभ समय में भाई की कलाई पर राखी बांध सकेंगी।

चंद्र ग्रहण भी नहीं बनेगा बाधा
28 अगस्त को साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण लगने वाला है। भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण सुबह 6 बजकर 53 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।

हालांकि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसके चलते भारत में इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। इसलिए रक्षाबंधन के दिन बहनें बिना किसी चिंता के शुभ मुहूर्त में राखी बांध सकती हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर

राखी बांधने के लिए ये हैं शुभ मुहूर्त
रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए दो प्रमुख शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। पहला और सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 5 बजकर 58 मिनट से सुबह 10 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।

इसके बाद अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। इस अबूझ घड़ी में भी भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ माना जाता है।

चौघड़िया में भी राखी बांधने के समय

रक्षाबंधन के दिन चौघड़िया मुहूर्त के अनुसार भी राखी बांधने के कुछ शुभ समय बताए गए हैं।

चर मुहूर्त सुबह 5 बजकर 57 मिनट से सुबह 7 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। वहीं शुभ चौघड़िया दोपहर 12 बजकर 28 मिनट से दोपहर 2 बजकर 3 मिनट तक रहेगा।

इसके अलावा अपराह्न काल का शुभ समय दोपहर 1 बजकर 44 मिनट से शाम 4 बजकर 16 मिनट तक और चर चौघड़िया शाम 5 बजकर 13 मिनट से शाम 6 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।

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इस तरह इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा और चंद्र ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और बहनें शुभ मुहूर्त में भाई को राखी बांध सकेंगी।