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Kissan Samman:18 जून को जारी होगी किसान सम्मान की 17वीं किस्त, PM Modi 9.3 करोड़ किसानों के खाते में ट्रांसफर करेंगे 20 हजार करोड़ रुपए

शुरुआत में जब PM-किसान योजना शुरू की गई थी (फरवरी, 2019), इसका लाभ केवल छोटे और सीमांत किसानों के परिवारों के लिए था। इसमें वो किसान शामिल थे जिनके पास 2 हेक्टेयर तक की कम्बाइन्ड लैंड होल्डिंग (संयुक्त भूमि) थी। जून 2019 में स्कीम को रिवाइज किया गया और सभी किसान परिवारों के लिए इसे एक्सटेंड कर दिया गया।

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PM Modi 18 जून को PM किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त जारी करेंगे
PM Modi 18 जून को PM PM Modi 18 जून को PM किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त जारी करेंगेPM Modi 18 जून को PM किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त जारी करेंगेकिसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त जारी करेंगे

PM Modi 18 जून को PM किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त जारी करेंगे। PM मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से देश के 9.3 करोड़ों किसानों को 2-2 हजार रुपए की किस्त ट्रांसफर करेंगे। इसमें 20 हजार करोड़ रुपए किसानों के खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। इससे पहले 28 फरवरी को PM किसान सम्मान निधि योजना की 16वीं किस्त जारी हुई थी। इसमें 21 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा किसानों को ट्रांसफर किए गए थे। इस योजना के तहत सरकार हर साल किसानों के अकाउंट में 2-2 हजार रुपए की तीन किस्तों में 6000 रुपए ट्रांसफर करती है।

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किसानों को हर साल मिलते हैं 6 हजार रुपए

इस योजना के तहत किसानों को 2-2 हजार रुपए की तीन किस्तें, साल में (कुल 6000 रुपए), दी जाती हैं। स्कीम के तहत पहली किस्त अप्रैल-जुलाई के बीच, दूसरी किस्त अगस्त-नवंबर के बीच और तीसरी किस्त दिसंबर-मार्च के बीच जारी की जाती है। इस योजना की शुरुआत 2019 में किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए की गई थी। योजना के पात्र लाभार्थी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जरिए भी अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके अलावा स्थानीय पटवारी, राजस्व अधिकारी और योजना के लिए राज्य सरकार की ओर से नामित नोडल अधिकारी ही किसानों का रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं। 

PM किसान योजना में सभी किसानों को मिलता है फायदा

शुरुआत में जब PM-किसान योजना शुरू की गई थी (फरवरी, 2019), इसका लाभ केवल छोटे और सीमांत किसानों के परिवारों के लिए था। इसमें वो किसान शामिल थे जिनके पास 2 हेक्टेयर तक की कम्बाइन्ड लैंड होल्डिंग (संयुक्त भूमि) थी। जून 2019 में स्कीम को रिवाइज किया गया और सभी किसान परिवारों के लिए इसे एक्सटेंड कर दिया गया। हालांकि, कुछ किसानों को अभी भी इस योजना से बाहर रखा गया है। PM किसान से बाहर किए गए लोगों में संस्थागत भूमि धारक, संवैधानिक पदों पर बैठे किसान परिवार, राज्य या केंद्र सरकार के सेवारत या रिटायर्ड अधिकारी और कर्मचारी हैं। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और सरकारी स्वायत्त निकाय के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं। इनके अलावा डॉक्टर, इंजीनियर और वकील जैसे प्रोफेशनल्स के साथ-साथ 10,000 रुपए से ज्यादा की मासिक पेंशन वाले रिटायर्ड पेंशनर्स और पिछले असेसमेंट ईयर में इनकम टैक्स भरने वालों को भी इस स्कीम से बाहर रखा गया है।