जानिए कैसे आतिशी पहुंचीं मुख्यमंत्री की कुर्सी तक
दिल्ली की अगली मुख्यमंत्री के रूप में आतिशी का नाम तय हो गया है। वे दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री बनने जा रही हैं और अरविंद केजरीवाल की जगह मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभालेंगी। केजरीवाल ने खुद ही उनके नाम का प्रस्ताव पेश किया था।

दिल्ली की अगली मुख्यमंत्री के रूप में आतिशी का नाम तय हो गया है। वे दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री बनने जा रही हैं और अरविंद केजरीवाल की जगह मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभालेंगी। केजरीवाल ने खुद ही उनके नाम का प्रस्ताव पेश किया था।
आतिशी को विधायक दल के नेता के रूप में चुना
आतिशी को विधायक दल के नेता के रूप में चुना गया, और इस प्रस्ताव को सभी विधायकों ने खड़े होकर मंजूरी दी। मंगलवार सुबह AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल के सिविल लाइंस स्थित आवास पर विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें नए नेता का चयन सर्वसम्मति से किया गया।
आतिशी के बारे में
आतिशी ने 2020 में पहली बार कालकाजी विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में चुनाव लड़ा और बीजेपी के धर्मवीर सिंह को 11,393 वोटों से हराया। उनका जन्म 8 जून 1981 को दिल्ली में हुआ। उनके पिता, विजय सिंह, दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रहे हैं। आतिशी ने अपनी स्कूली शिक्षा नई दिल्ली के स्प्रिंगडेल स्कूल से की और सेंट स्टीफंस कॉलेज से हिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से शेवनिंग स्कॉलरशिप पर मास्टर की डिग्री प्राप्त करने के बाद, उन्होंने शैक्षिक अनुसंधान में रोड्स स्कॉलर के रूप में दूसरी मास्टर डिग्री भी हासिल की।
आतिशी ने मध्य प्रदेश के एक छोटे गांव में सात साल बिताए
अतिशी ने मध्य प्रदेश के एक छोटे गांव में सात साल बिताए, जहां उन्होंने जैविक खेती और प्रगतिशील शिक्षा प्रणालियों से जुड़ी गतिविधियों में भाग लिया और कई गैर-लाभकारी संगठनों के साथ काम किया। यहीं पर उनकी मुलाकात AAP के कुछ सदस्यों से हुई और वे पार्टी की स्थापना के समय ही जुड़ीं।
पार्टी में उनकी भूमिका
आतिशी ने 2013 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के घोषणापत्र मसौदा समिति की प्रमुख सदस्य के रूप में काम किया और पार्टी की नीतियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा, उन्होंने पार्टी प्रवक्ता के रूप में भी प्रभावी भूमिका निभाई और मनीष सिसोदिया की सलाहकार के रूप में काम किया, खासकर जब सिसोदिया ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी उनके हवाले की थी।
आतिशी के सामाजिक और राजनीतिक कार्यों
आतिशी के सामाजिक और राजनीतिक कार्यों में उनकी सक्रियता का भी महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने दिल्ली पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ कई मौकों पर भिड़ाई की है और MCD के स्कूलों में निरीक्षण भी किया है। हाल ही में, जब केजरीवाल तिहाड़ जेल में थे, उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने के लिए आतिशी का नाम प्रस्तावित किया था।
केजरीवाल की उम्मीदें
केजरीवाल ने खुद को गिरफ्तार होने से पहले आतिशी को 9 मार्च 2023 को कैबिनेट मंत्री बनाया था और उन्हें सबसे ज्यादा मंत्रालय सौंपे थे। वे दिल्ली सरकार में अकेली महिला मंत्री हैं और उनके पास शिक्षा, PWD, जल विभाग, राजस्व, योजना और वित्त विभाग की जिम्मेदारी है। आतिशी का नाम महिला वोट और केजरीवाल के महिलाओं से जुड़े वादों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 2015 में, उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में मनीष सिसोदिया के सलाहकार के रूप में भी कार्य किया और 2020 के विधानसभा चुनावों के बाद पार्टी ने उन्हें गोवा का प्रभारी बनाया।
आतिशी की यह यात्रा उन्हें दिल्ली की मुख्यमंत्री की कुर्सी तक ले आई है, और अब उनकी भूमिका दिल्ली की राजनीतिक और सामाजिक दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।

