25% गिरने के बाद संभला Eternal का शेयर! JM Financial ने दिया BUY कॉल - 73% अपसाइड की उम्मीद, नोट करें टारगेट
यह तेजी ऐसे समय आई है जब पिछले 24 कारोबारी सत्रों में शेयर 20 बार गिर चुका था और इस दौरान करीब 25% तक टूट गया था। हालिया उछाल को निवेशकों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है।

In Short
- Eternal के शेयर में तेजी, 25% गिरावट के बाद स्टॉक 4% से ज्यादा उछला।
- JM Financial ने दिया Buy कॉल, 400 रुपये का टारगेट, करीब 73% अपसाइड का अनुमान।
- Blinkit बना ग्रोथ का बड़ा इंजन, मजबूत सप्लाई चेन और तेजी से विस्तार का फायदा।
Eternal Share Price: मंगलवार के कारोबार में Eternal Ltd के शेयर लगातार दूसरे दिन चढ़ते दिखे। शुरुआती कारोबार में स्टॉक 4.2% तक उछलकर 231.35 रुपये के दिन के उच्च स्तर पर पहुंच गया।
यह तेजी ऐसे समय आई है जब पिछले 24 कारोबारी सत्रों में शेयर 20 बार गिर चुका था और इस दौरान करीब 25% तक टूट गया था। हालिया उछाल को निवेशकों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
गिरावट के बाद खरीदारी का मौका: JM Financial
ब्रोकरेज JM Financial ने इस गिरावट को निवेश का मौका बताया है। कंपनी ने Eternal पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 400 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मंगलवार के उच्च स्तर से यह करीब 73% की संभावित तेजी दिखाता है।
ब्रोकरेज ने कहा कि 12 से 18 महीने के नजरिए वाले निवेशकों को इन स्तरों पर 'आक्रामक तरीके से खरीदारी' करनी चाहिए।
JM Financial के मुताबिक, ग्लोबल आर्थिक परिस्थितियों और प्रतिस्पर्धा के जोखिम को देखते हुए टारगेट NTM PE को 75x से घटाकर 65x किया गया है, लेकिन टारगेट प्राइस 400 रुपये ही रखा गया है।
Blinkit बना ग्रोथ का सबसे बड़ा सहारा
Eternal के लिए सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन उसका क्विक-कॉमर्स बिजनेस Blinkit बना हुआ है। ब्रोकरेज का मानना है कि Blinkit के पास मजबूत सप्लाई चेन और स्केल का स्पष्ट फायदा है।
कंपनी के पास 2,027 डार्क स्टोर्स का नेटवर्क है और ग्राहक बनाए रखने के लिए इसे भारी डिस्काउंट पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
हालांकि प्रतिस्पर्धा भी तेजी से बढ़ रही है। Flipkart के स्वामित्व वाली Minutes हर महीने करीब 100 डार्क स्टोर जोड़ रही है, जबकि Amazon की Now रोजाना दो नए स्टोर लॉन्च कर रही है।
आगे कैसी रहेगी ग्रोथ?
JM Financial का अनुमान है कि Blinkit वित्त वर्ष 2027 तक ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू में करीब 80% की ग्रोथ दर्ज कर सकता है।
फूड डिलीवरी बिजनेस को लेकर भी ब्रोकरेज ने चिंता को ज्यादा गंभीर नहीं माना है। मिडिल ईस्ट तनाव के कारण गैस सप्लाई में बाधा की आशंका जताई जा रही है, लेकिन JM का कहना है कि अगर तिमाही के आखिरी हफ्तों में 25% ऑर्डर प्रभावित भी होते हैं, तब भी यह सेगमेंट सालाना आधार पर 15% की ग्रोथ दे सकता है।

