scorecardresearch

इस बार सामान्य रहेगा मॉनसून, मौसम विभाग ने जारी किया अनुमान

मौसम विभाग ने मौसम का पूर्वानुमान जारी कर दिया है। भारत सरकार के मौसम विभाग ने कहा है कि इस साल मॉनसून सामान्य रहेगा। इसके पहले स्काइमेट ने मौसम का पूर्वानुमान जारी किया था। निजी एजेंसी स्काईमेट की ओर से मॉनसून का अनुमान जारी किए जाने के एक दिन बाद मौसम विभाग ने अपना अनुमान जारी किया है। स्काईमेट ने कहा था कि इस साल दक्षिण पश्चिमी मॉनसून के समय सामान्य से कम बारिश होगी। लेकिन मौसम विभाग ने कहा है कि मॉनसून सामान्य रहेगा और अच्छी बारिश होगी।

Advertisement
thumb
thumb

इस बार सामान्य रहेगा मॉनसून, मौसम विभाग ने जारी किया अनुमान

मौसम विभाग ने मौसम का पूर्वानुमान जारी कर दिया है। भारत सरकार के मौसम विभाग ने कहा है कि इस साल मॉनसून सामान्य रहेगा। इसके पहले स्काइमेट ने मौसम का पूर्वानुमान जारी किया था। निजी एजेंसी स्काईमेट की ओर से मॉनसून का अनुमान जारी किए जाने के एक दिन बाद मौसम विभाग ने अपना अनुमान जारी किया है। स्काईमेट ने कहा था कि इस साल दक्षिण पश्चिमी मॉनसून के समय सामान्य से कम बारिश होगी। लेकिन मौसम विभाग ने कहा है कि मॉनसून सामान्य रहेगा और अच्छी बारिश होगी।

advertisement

अगर मॉनसून सामान्य रहता है तो देश में अनाज की पैदावार भी सामान्य रहने का अनुमान है। शेयर बाज़ार को भी अच्छे मॉनसून का इंतजार रहता है क्योंकि इसे ग्रामीण डिमांड प्रभावित होती है। अगर पैदावार सामान्य रहती है तो देश के लोगों को महंगाई से राहत मिल सकती है। 

गौरतलब है कि भारत में खरीफ की फसल की बुवाई मई के अंत या जून के शुरू में होती है और उसी समय दक्षिण पश्चिमी मॉनसून भारत पहुंचता है। इसकी बारिश फसल की बुआई समाप्त होने यानी अगस्त की शुरुआत तक जारी रहती है। मौसम विज्ञान विभाग ने बताया है कि देश में लॉन्ग पीरियड एवरेज की 96 फीसदी बारिश हो सकती है। 
95 फीसदी तक बारिश को सामान्य माना जाता है। मौसम विभाग ने बताया कि मई के अंतिम हफ्ते में मॉनसून का अगला अपडेट आएगा। हालांकि सबसे ज्यादा चिंता अल नीनो के असर को लेकर है। अल नीनो पर भी मौसम विभाग ने सफाई दी है। 


अल नीनो के असर पर मौसम विभाग ने कहा है कि इस साल अल-नीनो का असर मॉनसून सीजन के दूसरे चरण में दिख सकता है। मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि अल नीनो की स्थिति जरूर बनेगी, लेकिन ये बहुत ताकतवर नहीं, बल्कि मॉडरेट होगा। इसलिए इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है। इससे पहले आशंका जताई जा रही थी कि अल-नीनो की वजह से ज्यादा असर पड़ सकता है।