
RBI Governer: महंगी EMI से अभी नहीं मिलेगी राहत
दास ने कहा कि डिजिटल पेमेंट से मॉनीटरी पॉलिसी का असर तेजी से और प्रभावी रूप से दिखने लगा है। गवर्नर ने कहा कि ग्लोबल इकोनॉमी अभी तीन चुनौतियों महंगाई, धीमी ग्रोथ और वित्तीय स्थिरता के लिए जोखिम का सामना कर रही है।

Reserve Bank Of India के गवर्नर Shaktikanta Das ने 20 अक्टूबर को ब्याज दरें ऊंची बनी रहने की बात कही है। उन्होंने कहा कि ब्याज दर फिलहाल ऊंची बनी रहेंगी और केवल समय ही बताएगा की यह कितने समय तक ऊंचे स्तर पर रहेगी। मौजूदा GeoPolitical संकट के मद्देनजर दुनिया भर के प्रमुख केंद्रीय बैंकों ने महंगाई से निपटने के लिए अपनी ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। हालांकि, महंगाई पर काबू पाने के लिए RBI ने इस साल फरवरी से ब्याज दर में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। यह 6.5% पर बरकरार है। इससे पहले पिछले साल मई से लेकर टोटल छह बार में रेपो रेट में 2.50% की बढ़ोतरी की गई थी। इस कारण होम लोन समेत सभी तरह के लोन महंगे हो गए हैं। शक्तिकांत दास ने एक कांन्क्लेव 2023 में कहा कि ब्याज दर फिलहाल ऊंची बनी रहेगी, कब तक यह तो समय ही बताएगा। शक्तिकांत दास ने इस बात पर भी जोर दिया कि मॉनीटरी पॉलिसी को सक्रिय रूप से महंगाई पर लगाम लगाने वाली होना चाहिए। इसके ऐसा होने से ही जुलाई में 7.44% के उच्चतम स्तर से महंगाई में गिरावट जारी है।
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दास ने कहा कि मूल्य स्थिरता तथा वित्तीय स्थिरता एक-दूसरे के पूरक हैं और RBI ने दोनों को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने का प्रयास किया है। सब्जियों तथा ईंधन की कीमतों में नरमी के कारण सितंबर में सालाना आधार पर खुदरा महंगाई घटकर तीन महीने के निचले स्तर 5.02% पर आ गई। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) पर आधारित महंगाई अगस्त में 6.83% और सितंबर 2022 में 7.41% थी। जुलाई में महंगाई 7.44% के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। गवर्नर ने कहा, 'हमने ब्याज दर पर रोक बरकरार रखी है। अब तक 2.50% की ग्रोथ फाइनेंशियल सिस्टम के जरिए अब भी काम कर रही है।' दास ने कहा कि डिजिटल पेमेंट से मॉनीटरी पॉलिसी का असर तेजी से और प्रभावी रूप से दिखने लगा है। गवर्नर ने कहा कि ग्लोबल इकोनॉमी अभी तीन चुनौतियों महंगाई, धीमी ग्रोथ और वित्तीय स्थिरता के लिए जोखिम का सामना कर रही है।

