
China के Real Estate Sector से आई बुरी ख़बर
चीन में 2021 के बीच में रियल एस्टेट का संकट शुरू हुआ था और तबसे कई बड़ी कंपनियां डिफॉल्ट कर चुकी हैं। देश में होने वाली मकानों की कुल बिक्री में इन कंपनियों की 40% हिस्सेदारी है। माना जा रहा है कि चीन का रियल एस्टेट सेक्टर का संकट दूसरे सेक्टर्स को भी अपनी चपेट में ले सकता है।

पूरी दुनिया की निगाहें मौजूदा वक्त में China पर हैं। चीन में कुछ ऐसा हुआ है, जिसके बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया है। आर्थिक सुस्ती से गुजर रही चीन की मुश्किलें अब और बढ़ने जा रही है। दरअसल चीन की दिग्गज रियल एस्टेट कंपनी China Evergrande ने America के एक कोर्ट में बैंकरप्सी के लिए आवेदन कर दिया है। आपको बता दें कि एवरग्रेंड दुनिया में सबसे ज्यादा कर्ज वाली रियल एस्टेट कंपनी है। इस कंपनी पर 330 अरब डॉलर का कर्ज है। कंपनी ने अमेरिका के बैंकरप्सी कोड के चैप्टर 15 के तहत प्रोटेक्शन मांगा है। इससे क्रेडिटर्स कंपनी के खिलाफ मुकदमा नहीं कर सकते हैं और न ही उसके एसेट्स को अटैच कर सकते हैं। इसके बाद चीन का रियल एस्टेट संकट और गहराता जा रहा है। कभी चीन की दूसरी सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनी रही एवरग्रेंड ने पहले ही भारी कर्ज लिया था । साल 2021 के आखिरी में इस कंपनी ने कर्ज के भुगतान में डिफॉल्ट किया था। एवरग्रेंड की सहयोगी कंपनी Tianji Holdings ने भी बैंकरप्सी के लिए आवेदन किया है।
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एवरग्रेंड ने अपने बयान में कहा है कि क्रेडिटर्स इस महीने रिस्ट्रक्चरिंग पर वोट कर सकते हैं। पिछले महीने कंपनी ने कहा था कि 2021 और 2022 में उसे कुल 81 अरब डॉलर का घाटा हुआ। इससे निवेशकों में खलबली मची हुई है। कंपनी ने मार्च में डेट रिस्ट्रक्चरिंग प्लान दिया था लेकिन इसे लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। चाइना एवरग्रेंड के शेयरों की ट्रेडिंग मार्च 2022 से ही सस्पेंड चल रही है। अब बात करते हैं इस कंपनी के इतिहास की तो साल 1996 में स्थापित एवरग्रेंड चीन की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों में से एक है। उसके फाउंडर Shu Jiayin साल 2017 में देश के सबसे अमीर कारोबारी थे। रियल एस्टेट में सफलता के बाद कंपनी ने इलेक्ट्रिक व्हीकल, हेल्थ क्लीनिक, मिनरल वॉटर सहित कई दूसरे कारोबारों में प्रवेश किया। हांगकांग के शेयर बाजार में 2021 के बाद से कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

चीन में 2021 के बीच में रियल एस्टेट का संकट शुरू हुआ था और तबसे कई बड़ी कंपनियां डिफॉल्ट कर चुकी हैं। देश में होने वाली मकानों की कुल बिक्री में इन कंपनियों की 40% हिस्सेदारी है। माना जा रहा है कि चीन का रियल एस्टेट सेक्टर का संकट दूसरे सेक्टर्स को भी अपनी चपेट में ले सकता है। रियल एस्टेट संकट के चलते चीन में कई हाउसिंग प्रोजेक्ट अटके हुए हैं। ऐसे में चीन की खराब होती हालात दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गई है। अब देखना होगा कि शी जिनंपिंग कैसे इस दलदल से चीन को बाहर निकालते हैं।

