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22 साल की उम्र में अरबपति बना भारतीय GenZ, इस ऐप ने बदली ग्रॉसरी खरीदने की कहानी

सिर्फ 22 साल की उम्र में अरबपति बनने वाले कैवल्य वोहरा की कहानी किसी फिल्मी सफर से कम नहीं है। एक कॉलेज स्टूडेंट से स्टार्टअप फाउंडर बनने तक का उनका सफर दिखाता है कि कैसे एक छोटा आइडिया, सही समय और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल पूरी इंडस्ट्री को बदल सकता है। Zepto की कामयाबी की पूरी कहानी जानिए।

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In Short

  • 22 साल में अरबपति बने कैवल्य वोहरा, Zepto ऐप ने बदली किराना खरीदने की कहानी।
  • स्टैनफोर्ड छोड़ा और दोस्त के साथ शुरू किया स्टार्टअप, आज करोड़ों की कंपनी खड़ी कर दी।
  • AI और 10 मिनट डिलीवरी मॉडल से Zepto ने क्विक कॉमर्स की दुनिया में बनाई अपनी अलग पहचान।

Youngest Indian Billionaire: भारत में अब सफलता की कहानी सिर्फ पुराने कारोबारी घरानों तक सीमित नहीं है। नई पीढ़ी के युवा टेक्नोलॉजी और नए आइडिया के दम पर कम उम्र में बड़ी कंपनियां खड़ी कर रहे हैं। इसी बदलाव की मिसाल हैं कैवल्य वोहरा, जो क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto के को-फाउंडर हैं और भारत के सबसे युवा टेक अरबपतियों में शामिल हैं।

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कैवल्य ने एक ऐसा ऐप बनाया, जिसने लोगों के किराना खरीदने के तरीके को बदल दिया। टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल से Zepto ने कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई। लेकिन कैवल्य का यह सफर इतना आसान नहीं था।

कॉलेज छोड़ा और शुरू किया स्टार्टअप का सफर

कैवल्य वोहरा और उनके दोस्त आदित पलिचा बचपन से एक-दूसरे को जानते हैं। दोनों ने अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन अपने आइडिया पर काम करने के लिए उन्होंने कॉलेज छोड़ने का फैसला किया।

कोविड के समय जब लोगों को घर बैठे सामान की जरूरत थी, तब दोनों ने WhatsApp के जरिए किराना डिलीवरी शुरू की। बाद में इसी सोच को बड़े स्तर पर ले जाते हुए 2021 में Zepto लॉन्च किया गया।

कैवल्य कंपनी में टेक्नोलॉजी की जिम्मेदारी संभालते हैं और फिलहाल चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर की भूमिका में भी हैं। उनकी नेटवर्थ करीब 4,480 करोड़ रुपये बताई जाती है।

10 मिनट की डिलीवरी बनी Zepto की पहचान

Zepto ने शुरुआत से ही 10 मिनट में ग्रॉसरी डिलीवरी का वादा किया था। उस समय कई लोगों को यह मुश्किल लगा, लेकिन कंपनी ने छोटे-छोटे डार्क स्टोर बनाकर ऐसा सिस्टम तैयार किया जिससे ऑर्डर तेजी से ग्राहकों तक पहुंचने लगे।

यही मॉडल कंपनी की सबसे बड़ी ताकत बना। आज Zepto का मुकाबला Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और Amazon Fresh जैसी कंपनियों से है।

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कंपनी का पूरा सिस्टम टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल ऑर्डर प्रोसेसिंग और ऐप के काम करने के तरीके को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है।

कैसे बनते हैं स्टार्टअप फाउंडर्स अरबपति?

स्टार्टअप फाउंडर्स की संपत्ति सिर्फ उनके पास मौजूद पैसे से तय नहीं होती। जब किसी कंपनी की वैल्यू बढ़ती है और उसमें फाउंडर्स की हिस्सेदारी की कीमत बढ़ जाती है, तो उनकी कुल संपत्ति भी बढ़ जाती है।

जब इन्वेस्टर्स किसी कंपनी में बड़ी रकम लगाते हैं और उसकी वैल्यू अरबों डॉलर तक पहुंचती है, तो फाउंडर्स अरबपतियों की सूची में शामिल हो जाते हैं। कैवल्य वोहरा के साथ भी यही हुआ।

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टेक स्टार्टअप बदल रहे हैं सफलता की कहानी

आज भारत में AI, फिनटेक, क्विक कॉमर्स और दूसरे टेक स्टार्टअप तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। डिजिटल इंडिया, UPI, सस्ता इंटरनेट, ऑनलाइन पेमेंट और स्टार्टअप में बढ़ते निवेश ने युवाओं के लिए नए मौके बनाए हैं।

अब बड़ी सफलता के लिए सिर्फ पारंपरिक कारोबार ही रास्ता नहीं है। सही टेक आइडिया और उसे तेजी से आगे बढ़ाने की क्षमता युवाओं को कम उम्र में बड़ी पहचान दिला सकती है।