भारत की GDP में कितनी हो सकती है बढ़ोतरी? अजित डोभाल ने बताया अगले 20 साल का अनुमान
भारत की GDP अगले 20 साल में 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। IIT रुड़की के दीक्षांत समारोह में NSA अजित डोभाल ने यह अनुमान जताया। उन्होंने छात्रों को भारत में हो रहे बदलावों के बारे में बताया और साहसी बनने की सलाह दी। साथ ही सफलता के तीन मंत्र भी साझा किए।

In Short
- अजित डोभाल के मुताबिक, भारत की GDP अगले 20 साल में 4.015 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है।
- IIT रुड़की के दीक्षांत समारोह में डोभाल ने कहा कि भारत बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है और छात्रों के सामने कई संभावनाएं हैं।
- डोभाल ने छात्रों को साहसी बनने की सलाह दी और सिक्किम के एक शेरपा से सीखे सफलता के 3 मंत्र साझा किए।
भारत की अर्थव्यवस्था अगले 20 साल में कितनी बड़ी हो सकती है, इसे लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने बड़ा अनुमान जताया है। IIT रुड़की के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। देश की मौजूदा GDP 4.015 ट्रिलियन डॉलर है, जो अगले 20 साल में बढ़कर 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे ऐसे समय में रह रहे हैं, जब उनके भविष्य में काफी संभावनाएं हैं।
भारत में हो रहे हैं बड़े बदलाव
दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे अजित डोभाल ने कहा कि छात्र भाग्यशाली हैं कि उन्हें बदलाव के इस दौर में आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। उनके मुताबिक, भारत में बड़े बदलाव हो रहे हैं और देश एक शानदार भविष्य की ओर बढ़ रहा है।
डोभाल ने अपने संबोधन में 2047 तक के समय को ‘अमृत काल’ कहे जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह वाकई एक शानदार अमृत काल है। इसी दौरान उन्होंने भारत की GDP के अगले 20 साल में 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान साझा किया।
छात्रों को दी साहसी बनने की सलाह
अजित डोभाल ने छात्रों को जिंदगी में साहसी बनने की सलाह भी दी। इसके लिए उन्होंने भगवान राम का उदाहरण दिया। डोभाल ने कहा कि ऋषि विश्वामित्र ने राक्षसों का संहार करने के लिए भगवान राम को चुना था, क्योंकि उनका स्वभाव साहसी था।
इस उदाहरण के जरिए उन्होंने छात्रों को जीवन में साहस के महत्व के बारे में बताया।
सिक्किम के शेरपा से सीखे थे सफलता के 3 मंत्र
अपने भाषण के दौरान डोभाल ने करियर के शुरुआती दिनों का एक किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब वह सिक्किम में तैनात थे, तब एक शेरपा से उन्हें जीवन में सफलता के तीन मंत्र सीखने को मिले थे।
पहला मंत्र था कि आपको पता होना चाहिए कि आप नक्शे पर कहां खड़े हैं। दूसरा मंत्र था कि आपको यह मालूम होना चाहिए कि आपको जाना कहां है। तीसरा मंत्र था कि वहां तक पहुंचने का रास्ता क्या है और वापस कैसे आना है।
डोभाल ने सफलता के ये तीनों मंत्र छात्रों के साथ साझा किए। उन्होंने अपने संबोधन में देश की अर्थव्यवस्था के भविष्य के साथ-साथ छात्रों के सामने मौजूद संभावनाओं और जीवन में आगे बढ़ने के लिए साहस तथा सही रास्ते की अहमियत पर बात की।


