
Air India को सिंगापुर सरकार का बड़ा सपोर्ट, घाटे के बावजूद Singapore Airlines को निवेश जारी रखने की हरी झंडी
सिंगापुर सरकार ने एयर इंडिया में सिंगापुर एयरलाइंस के निवेश का समर्थन किया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, घाटे और कई चुनौतियों के बावजूद कंपनी विदेशी विस्तार की रणनीति पर कायम है। एयर इंडिया में टाटा ग्रुप की 74.9% और सिंगापुर एयरलाइंस की 25.1% हिस्सेदारी है।

In Short
- सिंगापुर सरकार ने एयर इंडिया में सिंगापुर एयरलाइंस के निवेश का समर्थन किया।
- ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया 2 अरब डॉलर से ज्यादा घाटे के बाद बदलाव के दौर में है।
- टाटा के पास 74.9% और सिंगापुर एयरलाइंस के पास 25.1% हिस्सेदारी है।
सिंगापुर सरकार ने सिंगापुर एयरलाइंस की विदेशी कंपनियों में निवेश की रणनीति का समर्थन किया है।ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें घाटे में चल रही एयर इंडिया में किया गया निवेश भी शामिल है। सिंगापुर के परिवहन मंत्री जेफ्री सियो ने कहा कि दुनिया में प्रतिस्पर्धी कंपनियां बनाने के लिए मुश्किल बाजारों में उतरना और चुनौतियों के बावजूद टिके रहना जरूरी है।
उन्होंने संसद में एक सवाल के जवाब में यह बात कही, जिसमें एयर इंडिया में भविष्य में और पैसा लगाने की जरूरत और उससे जुड़े जोखिमों पर सवाल उठाए गए थे।
एयर इंडिया में टाटा और सिंगापुर एयरलाइंस की हिस्सेदारी
एयर इंडिया में टाटा ग्रुप की 74.9% हिस्सेदारी है, जबकि सिंगापुर एयरलाइंस की हिस्सेदारी 25.1% है। एयर इंडिया इस समय बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया को अपने सुधार अभियान के लिए करीब 1.1 अरब डॉलर की रकम मिलने के करीब है, जिसे उसके मालिकों की ओर से दिया जाएगा।
2 अरब डॉलर से ज्यादा का घाटा और कई चुनौतियां
एयर इंडिया को इस दौरान कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। कंपनी को 2 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ है। इसके अलावा एक घातक विमान हादसा, पाकिस्तान द्वारा भारतीय एयरलाइंस के लिए एयरस्पेस बंद करना और मध्य-पूर्व में तनाव जैसी घटनाओं ने भी एयरलाइन के कारोबार को प्रभावित किया।
इन घटनाओं की वजह से यात्रा प्रभावित हुई और ईंधन की लागत भी बढ़ी।
सिंगापुर सरकार बोली- निवेश पर खतरा नहीं
सिंगापुर के परिवहन मंत्री ने कहा कि एयर इंडिया में हुए नुकसान से सिंगापुर एयरलाइंस के कामकाज या जरूरी हवाई सेवाएं देने की क्षमता पर कोई खतरा नहीं है।
उन्होंने कहा कि कंपनियों को विदेशों में जाकर मुकाबला करने के लिए प्रोत्साहित करने के बाद हर मुश्किल दौर को इस बात का सबूत नहीं माना जा सकता कि उन्हें वापस अपने देश लौट जाना चाहिए।
एयर इंडिया को लंबी अवधि का निवेश मान रही है कंपनी
सिंगापुर एयरलाइंस के सीईओ गोह चून फोंग पहले ही कह चुके हैं कि एयर इंडिया में निवेश को कंपनी लंबे समय के नजरिए से देख रही है। एयरलाइन ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त फंडिंग उसके अपने कैश रिजर्व से आएगी।

सिंगापुर सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह सिंगापुर एयरलाइंस के निवेश संबंधी फैसलों में दखल नहीं देगी। सरकारी निवेश कंपनी टेमासेक होल्डिंग्स सिंगापुर एयरलाइंस की सबसे बड़ी शेयरधारक है।
सिंगापुर एयरलाइंस के पास मजबूत कैश रिजर्व
विश्लेषकों ने भी सिंगापुर एयरलाइंस की अतिरिक्त फंडिंग क्षमता को लेकर ज्यादा चिंता नहीं जताई है। जून के अंत तक कंपनी के पास करीब 10.5 अरब सिंगापुर डॉलर का कैश रिजर्व था। महामारी से पहले यह राशि करीब 1.6 अरब सिंगापुर डॉलर थी।
सिंगापुर सरकार का मानना है कि एयर इंडिया में निवेश विदेशी विस्तार की रणनीति का हिस्सा है और मुश्किल समय के बावजूद कंपनी को आगे बढ़ाने की कोशिश जारी है।
