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यूक्रेन के हमलों से रूस में पेट्रोल संकट, पहली बार भारत से मंगाया गैसोलीन

Kpler के मुताबिक, आगे भी ऐसी खेप आ सकती हैं। भारत की Nayara Energy, जिसमें रूस की सबसे बड़ी तेल कंपनी Rosneft की हिस्सेदारी है, रूस के लिए ईंधन का स्रोत बनी है। पेट्रोल को मिस्र के पास समुद्र में जहाज बदलकर रूस पहुंचाया जा रहा है।

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यूक्रेन के लगातार रिफाइनरी हमलों के बीच रूस ने भारत से गैसोलीन मंगाना शुरू कर दिया है। Kpler के आंकड़ों के मुताबिक, यह पहली बार है जब रूस ने भारत से मोटर ईंधन का आयात किया है। लंबी दूरी से पेट्रोल मंगाने का कदम रूस में बढ़ते घरेलू ईंधन संकट की गंभीरता दिखाता है।

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पहली खेप 5 अगस्त को रूस पहुंची। Kpler के मुताबिक, आगे भी ऐसी खेप आ सकती हैं। भारत की Nayara Energy, जिसमें रूस की सबसे बड़ी तेल कंपनी Rosneft की हिस्सेदारी है, रूस के लिए ईंधन का स्रोत बनी है। पेट्रोल को मिस्र के पास समुद्र में जहाज बदलकर रूस पहुंचाया जा रहा है।

रिफाइनरियों पर हमलों से बिगड़ा संतुलन

Kpler के लीड एनालिस्ट सुमित रिटोलिया ने कहा कि भारतीय पेट्रोल की एंट्री खास तौर पर महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, इससे रूस में घरेलू गैसोलीन की कमी की गंभीरता और कम रिफाइनरी उत्पादन का पारंपरिक ईंधन व्यापार पर असर सामने आता है।

यूक्रेन ने रूस की रिफाइनरियों पर हमले तेज कर दिए हैं। EA Analytics के अनुमान के अनुसार, जुलाई में रूस की कच्चे तेल की प्रोसेसिंग करीब 36 लाख बैरल प्रतिदिन रही, जो सामान्य मौसमी स्तर से लगभग एक-तिहाई कम थी। पिछले हफ्ते यूक्रेन ने पांच प्रोसेसर और इस हफ्ते कम से कम दो और प्रोसेसर को निशाना बनाया।

रूस ने घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए गैसोलीन और डीजल के निर्यात पर रोक लगा रखी है। ऐसे में भारत से आयात करना उसके लिए बड़ा बदलाव है, क्योंकि रूस लंबे समय से दूसरे देशों को ईंधन बेचता रहा है।

भारत से रूस तक कैसे पहुंच रहा पेट्रोल?

पहली खेप में रूसी झंडे वाले टैंकर साइकलोन ने 18 जून को गुजरात के वाडिनार से करीब 42,000 टन गैसोलीन लादा था। इसके बाद 6 जुलाई को मिस्र के डेमिएटा बंदरगाह के पास इसे ओमान के ध्वज वाला गार्नेट में ट्रांसफर किया गया। यह जहाज अगस्त की शुरुआत में रूस पहुंचा।

Nayara पर भी बढ़ा निर्यात का दबाव

EU ने पिछले साल जुलाई में Nayara Energy पर प्रतिबंध लगाए थे। इसके बाद कंपनी कच्चा तेल हासिल करने और ईंधन निर्यात करने के लिए डार्क-फ्लीट टैंकरों और ट्रांसशिपमेंट का इस्तेमाल कर रही है। गुजरात के Vadinar में कंपनी की रिफाइनरी की क्षमता 4 लाख बैरल प्रतिदिन है।