scorecardresearch

रेलवे कर्मचारियों का बोनस बढ़ेगा? ₹17,951 की जगह ₹46,184 देने की मांग, जानें सरकार के सामने क्या है प्रस्ताव

त्योहारी सीजन में रेलवे कर्मचारियों के बोनस को लेकर बड़ी खबर है। सरकार ने करीब 10.91 लाख कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के वेतन के बराबर बोनस मंजूर किया है, जिसकी अधिकतम रकम ₹17,951 है। हालांकि, कर्मचारी संगठन अब इसे बढ़ाकर कम से कम ₹46,184 करने की मांग कर रहा है। जानिए किन कर्मचारियों को फायदा मिलेगा और बोनस बढ़ाने का क्या प्रस्ताव है।

Advertisement
रेलवे कर्मचारियों को त्योहार पर मिल सकता है बड़ा तोहफा, कैबिनेट से बोनस को मंजूरी मिलने की संभावना
रेलवे कर्मचारियों को त्योहार पर मिल सकता है बड़ा तोहफा, कैबिनेट से बोनस को मंजूरी मिलने की संभावना

In Short

  • करीब 10.91 लाख रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों का बोनस, अधिकतम रकम ₹17,951।
  • रेलवे कर्मचारी संगठन ने बोनस की रकम बढ़ाकर कम से कम ₹46,184 करने की मांग की।
  • बोनस की गणना के लिए ₹7,000 की मौजूदा वेतन सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव, मंजूरी अभी बाकी।

त्योहारी सीजन में रेलवे कर्मचारियों के लिए बोनस को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रेलवे कर्मचारियों के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) को मंजूरी दे सकती है। सूत्रों ने बिजनेस टुडे टीवी को यह जानकारी दी है। वहीं, रेलवे कर्मचारियों के एक संगठन ने बोनस की रकम बढ़ाकर कम से कम ₹46,184 करने की मांग की है।

advertisement

सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने करीब 10.91 लाख रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के वेतन के बराबर बोनस को मंजूरी दी थी। इसके लिए सरकार ने ₹1,865.68 करोड़ की राशि मंजूर की थी। इस फैसले के तहत प्रत्येक पात्र कर्मचारी को अधिकतम ₹17,951 का बोनस दिया जाना है।

रेलवे कर्मचारियों को हर साल दुर्गा पूजा या दशहरे से पहले प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस दिया जाता है। इसका मकसद कर्मचारियों को उनके काम और रेलवे के बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना है।

किन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस?

इस बोनस का फायदा रेलवे के ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, स्टेशन मास्टर, सुपरवाइजर, टेक्नीशियन, टेक्नीशियन हेल्पर, पॉइंट्समैन और अन्य ग्रुप-C कर्मचारियों को मिलेगा।

फिलहाल रेलवे कर्मचारियों का बोनस ₹7,000 की मासिक वेतन सीमा के आधार पर तय किया जाता है। बोनस की गणना 78 दिनों के लिए होती है। इसी वजह से अधिकतम बोनस की रकम ₹17,951 बनती है।

₹46,184 बोनस देने की मांग क्यों उठी?

इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRSTA) ने सरकार से बोनस की गणना के लिए वेतन सीमा बढ़ाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि 2016 में तय की गई ₹7,000 की सीमा अब कर्मचारियों के मौजूदा वेतन के हिसाब से काफी कम है।

संगठन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर लेवल-1 कर्मचारियों के लिए बोनस की गणना ₹18,000 और महंगाई भत्ते (DA) के आधार पर करने की मांग की है। वहीं, लेवल-2 और उससे ऊपर के कर्मचारियों के लिए वेतन स्तर के हिसाब से बोनस तय करने का सुझाव दिया है।

संगठन के मुताबिक, अगर ₹18,000 के मूल वेतन पर 78 दिनों का बोनस निकाला जाए, तो रकम ₹46,184 बनती है।

हालांकि, ₹46,184 बोनस देने की मांग पर सरकार की ओर से अभी कोई मंजूरी नहीं मिली है। कर्मचारियों को फिलहाल स्वीकृत नियमों के मुताबिक ही बोनस मिलेगा।