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चंद्रशेखरन के बाद टाटा सन्स के नए चेयरमैन के सामने बड़ी चुनौती, इन कंपनियों पर है ₹27 हजार करोड़ से ज्यादा का घाटा

टाटा ग्रुप में चेयरमैन बदलाव की तैयारी के बीच नई बिजनेस कंपनियों का प्रदर्शन चर्चा में है। एयर इंडिया, टाटा डिजिटल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कंपनियों पर घाटे का दबाव है। अब नए चेयरमैन के सामने इन कंपनियों को संभालना और आगे बढ़ाना बड़ी चुनौती होगी।

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In Short

  • एयर इंडिया का घाटा बढ़कर ₹22,238.22 करोड़ पहुंचा
  • टाटा डिजिटल ने वित्त वर्ष 2026 में दर्ज किया ₹4,974 करोड़ का नुकसान
  • टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स बनी ग्रुप की बड़ी उम्मीद, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ी हिस्सेदारी

Tata Group: टाटा सन्स के नए चेयरमैन के सामने ग्रुप की कुछ कंपनियों को संभालने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। एयर इंडिया, टाटा डिजिटल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी नई बिजनेस कंपनियों ने पिछले साल भारी घाटा दर्ज किया है। इन तीनों कंपनियों का कुल घाटा ₹27 हजार करोड़ से ज्यादा रहा।

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एयर इंडिया का घाटा बढ़कर ₹22 हजार करोड़ के पार

टाटा ग्रुप की एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया का घाटा वित्त वर्ष 2026 में काफी बढ़ गया। कंपनी की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मार्च 2026 तक एयर इंडिया को ₹22,238.22 करोड़ का घाटा हुआ। इससे पहले 31 मार्च 2025 को कंपनी का घाटा ₹10,858.82 करोड़ था।

कंपनी ने बताया कि इस दौरान उसे कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। एयर स्पेस बंद होने, वेस्ट एशिया में तनाव के कारण ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और विदेशी मुद्रा में बदलाव जैसी वजहों का असर पड़ा। इसके अलावा 12 जून 2025 को हुए विमान हादसे ने भी एयर इंडिया के लिए चुनौतियां बढ़ाईं।

कंपनी के मुताबिक, एयर इंडिया में बदलाव की प्रक्रिया लंबे समय तक चलने वाली है और इसमें 5 से 10 साल का समय लग सकता है। इसके पीछे सप्लाई चेन में परेशानी, पुराने सिस्टम को आधुनिक बनाना और एयरलाइन के कल्चर में बदलाव जैसी वजहें शामिल हैं।

टाटा डिजिटल को हुआ ₹4,974 करोड़ का नुकसान

टाटा डिजिटल ने वित्त वर्ष 2026 में ₹4,974 करोड़ का घाटा दर्ज किया। कंपनी ई-कॉमर्स क्षेत्र में काम कर रही है और उसका मुकाबला ब्लिंकिट, इंस्टामार्ट और जेप्टो जैसी कंपनियों से है। टाटा डिजिटल ने कहा कि कंपनी लगातार आगे बढ़ रही है। टाटा न्यू ने लॉन्च के चार साल में ₹46,515 करोड़ का ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू हासिल किया है। वहीं, क्रोमा का GMV ₹25,539 करोड़ रहा।

टाटा 1mg को भारत की टॉप ई-फार्मा और ई-डायग्नोस्टिक्स कंपनियों में शामिल किया गया है। टाटा न्यू अब लेंडिंग और इंश्योरेंस सेक्टर में भी अपना इकोसिस्टम बढ़ाना चाहता है।

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स बनी ग्रुप की बड़ी कंपनी

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने भी ग्रुप में अपनी अलग पहचान बनाई है। कंपनी की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारत में बने कुल मोबाइल फोन में से 12 प्रतिशत का निर्माण टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने किया। कंपनी गुजरात में भारत की पहली हाई-वॉल्यूम फैब बना रही है और भारत के पहले स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर को पैकेज भी कर चुकी है।

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। अब नए टाटा सन्स चेयरमैन के सामने इन कंपनियों की स्थिति को संभालना बड़ी जिम्मेदारी होगी।

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