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मुकेश अंबानी की Reliance Industries जुटाएगी ₹10,000 करोड़! 10 साल के बॉन्ड से फंड जुटाने की तैयारी

रिलायंस इंडस्ट्रीज एक बार फिर बड़ी रकम जुटाने की तैयारी में है। कंपनी का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब बॉन्ड मार्केट में हलचल बढ़ रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, मुकेश अंबानी की कंपनी 10 साल के बॉन्ड के जरिए 100 अरब रुपये तक जुटा सकती है।

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AI Generated Image

In Short

  • रिलायंस इंडस्ट्रीज 10 साल के AAA रेटेड बॉन्ड के जरिए 100 अरब रुपये तक जुटाने की तैयारी में है।
  • कंपनी इस महीने दूसरी बार बॉन्ड मार्केट से फंड जुटाने की योजना बना रही है।
  • बॉन्ड यील्ड बढ़ने और आरबीआई की संभावित सख्त मौद्रिक नीति के बीच कंपनियां फंड जुटाने पर ध्यान दे रही हैं।

मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड एक बार फिर बॉन्ड मार्केट से पैसा जुटाने की तैयारी कर रही है। कंपनी का लक्ष्य स्थानीय मुद्रा वाले बॉन्ड के जरिए 100 अरब रुपये यानी करीब 10,000 करोड़ रुपये तक जुटाने का है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज अगले हफ्ते तक 10 साल की अवधि वाले AAA रेटेड बॉन्ड जारी कर सकती है। यह इस महीने कंपनी की दूसरी बड़ी डेट पेशकश होगी।

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10 साल के बॉन्ड जारी करने की योजना

रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज इन बॉन्ड्स पर करीब 7.90 फीसदी कूपन रेट दे सकती है। यह दर बुधवार को टॉप रेटेड 10 साल के कॉरपोरेट बॉन्ड की औसत यील्ड 7.97 फीसदी से थोड़ी कम है।

कंपनी से जुड़े लोगों ने पहचान सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी है, क्योंकि यह मामला निजी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से इस मामले पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की गई।

इस महीने दूसरी बार जुटाएगी कर्ज

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पिछले हफ्ते भी बॉन्ड के जरिए 120 अरब रुपये यानी करीब 12,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। कंपनी ने यह रकम पांच साल की सिक्योरिटीज जारी करके हासिल की थी, जिस पर कूपन रेट 7.47 फीसदी था।

अब कंपनी की दूसरी बॉन्ड पेशकश से बाजार में उसकी फंड जुटाने की रणनीति पर नजर है।

बॉन्ड मार्केट में बढ़ रही हलचल

रिपोर्ट के अनुसार, कई कंपनियां बॉन्ड जारी करने पर विचार कर रही हैं। इसकी एक वजह यह है कि बाजार को उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक इस साल के अंत में मौद्रिक नीति को सख्त कर सकता है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

महंगाई के दबाव को देखते हुए आरबीआई बैंकिंग सिस्टम में मौजूद अतिरिक्त नकदी को कम करने के कदम उठा रहा है। इसका असर बॉन्ड यील्ड पर भी दिखाई दे रहा है।

कॉरपोरेट बॉन्ड की यील्ड में बढ़ोतरी

ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स इंडेक्स के अनुसार, बुधवार तक बैंकों में अतिरिक्त नकदी 4.2 लाख करोड़ रुपये थी। यह इस महीने की शुरुआत में दर्ज करीब 11 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर से काफी कम है।

वहीं, टॉप रेटेड 10 साल के कॉरपोरेट बॉन्ड की औसत यील्ड सितंबर में अब तक 37 बेसिस प्वाइंट बढ़ चुकी है। यह कम से कम तीन साल में किसी महीने की सबसे बड़ी बढ़ोतरी की ओर बढ़ रही है।

अन्य कंपनियां भी जुटा रही हैं पैसा

बॉन्ड मार्केट में दूसरी बड़ी कंपनियां भी सक्रिय हैं। अरबपति गौतम अडानी की कंपनी Adani Airport Holdings और सज्जन जिंदल की JSW Energy भी घरेलू बॉन्ड मार्केट में बोली आमंत्रित कर रही हैं।

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Adani Airport Holdings तीन साल के बॉन्ड के जरिए 10 अरब रुपये तक जुटाने की योजना बना रही है। वहीं, JSW Energy सात साल के बॉन्ड से 5 अरब रुपये तक जुटाने का लक्ष्य रख रही है।