140 से ज्यादा देशों में पहुंची भारतीय कॉफी! UAE-UK समेत नए बाजारों में निर्यात बढ़ा
वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि कॉफी बोर्ड GI-टैग वाली कॉफी के प्रचार और किसानों को GI रजिस्टर्ड कॉफी की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कई पहल कर रहा है। इनमें वायनाड लोकसभा क्षेत्र के कॉफी उत्पादक भी शामिल हैं।

In Short
- 140+ देशों में पहुंची भारतीय कॉफी: FY 2025-26 में UAE, UK, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया समेत 140 से अधिक देशों में भारतीय कॉफी का निर्यात, नए बाजारों में भी एंट्री।
- GI कॉफी से किसानों को बड़ा फायदा: GI-टैग वाली अरेबिका और रोबस्टा कॉफी के औसत निर्यात मूल्य में क्रमशः 34.36% और 29.73% की बढ़ोतरी, छोटे व आदिवासी किसानों को भी समर्थन।
- दुनियाभर में बढ़ रही भारतीय कॉफी की पहचान: कॉफी बोर्ड ने 2018-19 से अब तक 41 अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भाग लेकर 'Coffees of India' ब्रांड को वैश्विक स्तर पर मजबूत किया।
सरकार ने बीते गुरुवार को लोकसभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के सवाल के जवाब में वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारतीय कॉफी का निर्यात 140 से अधिक देशों में हुआ।
इस दौरान संयुक्त अरब अमीरात, लीबिया, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, मिस्र, कुवैत और यूनाइटेड किंगडम जैसे उभरते बाजारों में निर्यात में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं जिबूती, माइक्रोनेशिया और तिमोर-लेस्ते जैसे नए बाजारों तक भी भारतीय कॉफी की पहुंच बनी।
वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि कॉफी बोर्ड GI-टैग वाली कॉफी के प्रचार और किसानों को GI रजिस्टर्ड कॉफी की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कई पहल कर रहा है। इनमें वायनाड लोकसभा क्षेत्र के कॉफी उत्पादक भी शामिल हैं।
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मंत्री ने कहा कि "वायनाड रोबस्टा कॉफी" को भौगोलिक संकेतक (GI) का दर्जा मिला हुआ है। कॉफी बोर्ड GI-टैग कॉफी का अधिकृत उपयोगकर्ता रजिस्ट्रार है और कॉफी वैल्यू चेन से जुड़े सभी हितधारकों के लिए नियमित रूप से GI पंजीकरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है।
किसानों और निर्यात को मिल रहा समर्थन
कॉफी बोर्ड GI कॉफी टेस्टिंग सेशन, खरीदार-विक्रेता बैठकें और कॉफी एवं खाद्य-पेय से जुड़े व्यापार मेलों में भाग लेकर GI कॉफी को बढ़ावा देता है। इसके अलावा 'इंटीग्रेटेड कॉफी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट' (ICDP) के तहत छोटे और आदिवासी कॉफी किसानों को विकास संबंधी सहायता भी दी जा रही है।
सरकार के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में GI-पंजीकृत अरेबिका और रोबस्टा कॉफी के औसत निर्यात मूल्य में क्रमशः 34.36 फीसदी और 29.73 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में काफी अधिक है।
वैश्विक बाजार में बढ़ रही भारतीय कॉफी की पहचान
सरकार भारतीय GI उत्पादों की पहचान बढ़ाने के लिए इंडिया GI फेयर, GI महोत्सव और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में GI पवेलियन आयोजित करती है। कॉफी बोर्ड 'Coffees of India' ब्रांडिंग, वैल्यू-एडेड कॉफी के प्रचार, बरिस्ता प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भागीदारी और विदेशों में भारतीय मिशनों के सहयोग से GI कॉफी गिफ्ट बॉक्स भी तैयार कर रहा है।
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मंत्री ने बताया कि भारतीय कॉफी को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए कॉफी बोर्ड 2018-19 से अब तक 41 अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भाग ले चुका है।

