रेड सी में हमलों के बीच भारत के लिए बड़ी राहत! 20 लाख बैरल क्रूड लेकर बाब अल-मंदेब को पार किया टैंकर
लाल सागर और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते हमलों के बीच सऊदी क्रूड लेकर भारत आ रहा एक बड़ा टैंकर जोखिम भरे रास्ते से निकल गया। जहाजों की आवाजाही घट रही है और ट्रैकिंग सिस्टम भी बंद किए जा रहे हैं। जानिए इस तनाव का तेल सप्लाई और कीमतों पर क्या असर पड़ सकता है।

In Short
- सऊदी अरब से करीब 20 लाख बैरल क्रूड लेकर देश वैभव टैंकर भारत के गुजरात स्थित सिक्का रिफाइनरी की ओर बढ़ रहा है।
- बढ़ते हमलों के बीच बाब अल-मंदेब और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही तेजी से घटी है।
- अमेरिका-ईरान बातचीत की खबर के बाद एशियाई कारोबार में तेल की कीमतें करीब 5 फीसदी गिर गईं।
लाल सागर और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर खतरा बढ़ता जा रहा है। इसके बावजूद सऊदी अरब से क्रूड ऑयल लेकर भारत आ रहा एक बड़ा टैंकर बाब अल-मंदेब स्ट्रेट को पार करने में कामयाब रहा।
रीजन में बढ़ते तनाव, जहाजों पर हमलों और बंद किए गए ट्रैकिंग सिस्टम के बीच अब नजर टैंकरों की आवाजाही, भारत आने वाले क्रूड और नई डिप्लोमैटिक बातचीत पर है।
भारत के लिए 20 लाख बैरल क्रूड लेकर निकला टैंकर
केप्लर के शिपिंग डेटा के मुताबिक, वीकेंड पर सऊदी क्रूड लेकर जा रहे दो ऑयल टैंकर बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से सुरक्षित निकल गए। इनमें वेरी लार्ज क्रूड कैरियर यानी वीएलसीसी देश वैभव करीब 20 लाख बैरल सऊदी ऑयल लेकर भारत आ रहा है।
यह टैंकर गुजरात के सिक्का में मौजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिफाइनरी की ओर बढ़ रहा है। देश वैभव को शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ऑपरेट करती है। कंपनी ने इस यात्रा पर तुरंत कोई जवाब नहीं दिया।
एआईएस बंद करके लाल सागर से गुजरे दोनों जहाज
देश वैभव के साथ माल्टा फ्लैग वाला स्वेजमैक्स टैंकर लेस्वोस भी लाल सागर से गुजरा। यह करीब 10 लाख बैरल सऊदी क्रूड लेकर जा रहा था, हालांकि इसकी आखिरी मंजिल तुरंत साफ नहीं हो सकी।
दोनों टैंकरों ने सफर के दौरान अपने ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम यानी एआईएस ट्रांसपोंडर बंद रखे थे। इससे जहाजों की लोकेशन और मूवमेंट को ट्रैक करना मुश्किल हो गया। लेस्वोस को मैनेज करने वाली डायनाकॉम ने भी कोई कमेंट नहीं किया।
बाब अल-मंदेब में कम हुई जहाजों की आवाजाही
केप्लर के मुताबिक, रविवार को बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से सिर्फ 18 कमोडिटी वेसल गुजरे। शनिवार को इनकी संख्या 27 और शुक्रवार को 28 थी।
यह गिरावट दिखाती है कि शिपिंग ऑपरेटर अब ज्यादा सावधानी बरत रहे हैं। तनाव तब और बढ़ा, जब ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने 20 जुलाई को सऊदी अरब के खिलाफ मैरीटाइम एम्बार्गो का ऐलान किया और अपने हमलों का दायरा अहम ग्लोबल शिपिंग रूट तक बढ़ा दिया।
होर्मुज में जहाजों की रफ्तार तेजी से घटी
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भी शिपिंग एक्टिविटी कमजोर हुई है। इस रास्ते से आमतौर पर दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का क्रूड ऑयल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस सप्लाई गुजरती है।
शनिवार को केवल 10 कमोडिटी जहाज होर्मुज से गुजरे, जबकि शुक्रवार को यह संख्या 19 थी। रविवार को सिर्फ एक ईरानी एलपीजी टैंकर के गुजरने की जानकारी मिली। हालांकि एआईएस बंद होने की वजह से असली संख्या ज्यादा हो सकती है।
तीन और टैंकरों पर हमले की रिपोर्ट
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस एजेंसी ने शनिवार के बाद टैंकरों पर तीन और हमलों की जानकारी दी है। इस दौरान वीएलसीसी किकू करीब 14 लाख बैरल कतरी क्रूड और रॉटरडैम एनर्जी करीब 20 लाख बैरल यूएई का दास क्रूड लेकर स्ट्रेट से गुजरे। दोनों जहाजों के मैनेजरों ने कोई कमेंट नहीं किया।
बातचीत की खबर से करीब 5 फीसदी गिरे तेल के दाम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ नई बातचीत सोमवार से शुरू होगी। उन्होंने नए मिलिट्री स्ट्राइक के बजाय डिप्लोमैटिक एग्रीमेंट का रास्ता चुना है।
बातचीत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा पूरी तरह खोलने और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर चर्चा होगी। ईरान ने भी कहा है कि वह ओमान के साथ स्ट्रेट से गुजरने वाले एक नए शिपिंग रूट पर समझौते के करीब है। इस ऐलान के बाद शुरुआती एशियाई ट्रेड में तेल के दाम करीब 5 फीसदी गिर गए।

