
IIT मद्रास से IIM अहमदाबाद तक, भारत के उभरते Startup Founders के पीछे इन कॉलेजों का हाथ
भारत के नए स्टार्टअप फाउंडर्स की सफलता की कहानी में कुछ बड़े शिक्षण संस्थानों की अहम भूमिका नजर आ रही है। 2026 Hurun India Cheetah Index बताता है कि IIT मद्रास और IIM अहमदाबाद उन कॉलेजों में सबसे आगे हैं, जहां से देश के हाई-ग्रोथ स्टार्टअप बनाने वाले फाउंडर्स निकले हैं।

In Short
- IIT मद्रास से 13 फाउंडर्स जुड़े, अंडरग्रेजुएट शिक्षा में बना सबसे बड़ा संस्थान
- IIM अहमदाबाद से 7 फाउंडर्स जुड़े, पोस्टग्रेजुएट लिस्ट में रहा नंबर-1
- भारत में Cheetah स्टार्टअप्स की संख्या 2021 के 54 से बढ़कर 2026 में 110 हुई
भारत में तेजी से बढ़ते स्टार्टअप्स के पीछे किन कॉलेजों का योगदान सबसे ज्यादा है, इसकी तस्वीर 2026 ASK Private Wealth Hurun India Cheetah Index में सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अंडरग्रेजुएट पढ़ाई के लिए IIT मद्रास सबसे आगे है, जबकि पोस्टग्रेजुएट शिक्षा के मामले में IIM अहमदाबाद ने सबसे ज्यादा फाउंडर्स तैयार किए हैं।
IIT मद्रास बना अंडरग्रेजुएट फाउंडर्स का सबसे बड़ा कैंपस
2026 इंडेक्स के अनुसार, भारत के हाई-ग्रोथ स्टार्टअप फाउंडर्स में IIT मद्रास से पढ़े छात्रों की संख्या सबसे ज्यादा है। कुल 13 फाउंडर्स ने यहां से अपनी अंडरग्रेजुएट पढ़ाई पूरी की है।
इसके बाद IIT बॉम्बे से 10 फाउंडर्स, दिल्ली यूनिवर्सिटी से 9 फाउंडर्स और मुंबई यूनिवर्सिटी, BITS पिलानी, IIT दिल्ली और अन्ना यूनिवर्सिटी से 8-8 फाउंडर्स जुड़े हैं। IIT मद्रास के कुछ प्रमुख फाउंडर्स में MathCo के आदित्य कुंभकोणम और अनुज कृष्णा और Vegrow के किरण नाइक शामिल हैं।

पोस्टग्रेजुएट पढ़ाई में IIM अहमदाबाद सबसे आगे
जब बात पोस्टग्रेजुएट शिक्षा की आती है तो तस्वीर बदल जाती है। इस लिस्ट में IIM अहमदाबाद सबसे ऊपर है। यहां से पढ़े 7 फाउंडर्स इस साल के Cheetah Index में शामिल हैं।
इसके बाद ISB से 6, IIM लखनऊ से 5 फाउंडर्स जुड़े हैं। IIT मद्रास, Symbiosis Institute of Management Studies और IIM कलकत्ता से 3-3 फाउंडर्स इस लिस्ट में शामिल हैं।
IIM अहमदाबाद से पढ़े फाउंडर्स में Park+ के अमित लखोटिया, RenewBuy के देवेश जोशी और Stanza Living के संदीप दलमिया शामिल हैं।
भारत में बढ़ रही है हाई-वैल्यू स्टार्टअप कंपनियों की संख्या
Hurun India Cheetah Index में उन अनलिस्टेड स्टार्टअप्स को शामिल किया जाता है, जिनकी वैल्यूएशन 200 मिलियन डॉलर से 500 मिलियन डॉलर के बीच है और जिनके अगले पांच साल में यूनिकॉर्न बनने की संभावना मानी जाती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में भारत में ऐसे Cheetahs की संख्या बढ़कर 110 हो गई है, जबकि 2021 में यह आंकड़ा सिर्फ 54 था। इन कंपनियों की कुल वैल्यूएशन करीब 3 लाख करोड़ रुपये है और ये मिलकर 1.10 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रही हैं।
इस साल 10 Cheetahs आगे बढ़कर Gazelle कैटेगरी में पहुंचे, जबकि 3 कंपनियां सीधे Unicorn बन गईं। वहीं 6 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट भी हुईं।

स्टार्टअप की दुनिया अब सिर्फ टेक तक सीमित नहीं
इन स्टार्टअप्स के सेक्टर भी लगातार बदल रहे हैं। FinTech में सबसे ज्यादा 17 Cheetahs हैं, जबकि SaaS में 16 और E-commerce में 12 कंपनियां शामिल हैं।
Electric Vehicles, HealthTech और Artificial Intelligence जैसे क्षेत्रों में 8-8 कंपनियां हैं। वहीं CleanTech और Aerospace & Defence जैसे नए क्षेत्रों में भी तेजी देखने को मिल रही है। Aerospace और Defence सेक्टर में Cheetahs की संख्या 2023 के एक से बढ़कर 2026 में पांच हो गई है।
बेंगलुरु अब भी भारत का सबसे बड़ा स्टार्टअप हब
फाउंडर्स की पढ़ाई अलग-अलग संस्थानों से हुई है, लेकिन उनकी कंपनियां कुछ बड़े शहरों में ज्यादा केंद्रित हैं। बेंगलुरु में सबसे ज्यादा 36 Cheetahs हैं। इसके बाद NCR में 25 और मुंबई में 16 कंपनियां हैं।
इन तीनों जगहों पर मिलकर 110 में से 77 कंपनियां हैं। पुणे में 8, चेन्नई में 4 और अहमदाबाद में 3 Cheetahs हैं।
हालांकि अब स्टार्टअप का विस्तार दूसरे शहरों तक भी हो रहा है। इस साल पुणे में 4, अहमदाबाद में 2 और जयपुर में 1 नया Cheetah जुड़ा है।
कॉलेज से ज्यादा मायने रखती है फाउंडर की मेहनत
रिपोर्ट बताती है कि IIT मद्रास और IIM अहमदाबाद जैसे संस्थान फाउंडर्स को मजबूत शुरुआत देते हैं, लेकिन सफल कंपनी बनाने की असली चुनौती पढ़ाई पूरी होने के बाद शुरू होती है।
2026 के इंडेक्स में शामिल 110 कंपनियां FinTech, Software, EV, Healthcare और AI जैसे कई क्षेत्रों में काम कर रही हैं। इनमें से 6 कंपनियों का FY2025 में रेवेन्यू 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा रहा, जबकि 26 कंपनियों का रेवेन्यू 500 करोड़ से 1,000 करोड़ रुपये के बीच रहा।
इस डेटा से साफ है कि IIT मद्रास और IIM अहमदाबाद भारत के उभरते स्टार्टअप फाउंडर्स की शैक्षणिक यात्रा में सबसे प्रमुख संस्थान बनकर सामने आए हैं।

