सोने-चांदी में रिकवरी से लौटी रौनक! क्या आगे भी जारी रहेगी तेजी? एक्सपर्ट ने बताया सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रिकवरी देखने को मिली। MCX पर सोना ₹1,48,274 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,12,956 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। हालांकि, यह तेजी कितनी टिकेगी?

Gold-Silver Price: शुक्रवार, 16 अक्टूबर को शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में रिकवरी देखने को मिली। हाल के कारोबारी सत्रों में दबाव झेलने के बाद दोनों कीमती धातुओं में तेजी आई। हालांकि, अब बाजार की नजर अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर है, जिनसे यह संकेत मिल सकता है कि मौजूदा रिकवरी जारी रहेगी या कीमतों पर एक बार फिर बिकवाली का दबाव बनेगा।
सुबह 9:30 बजे MCX पर सोने के वायदा भाव 0.53% की बढ़त के साथ ₹1,48,274 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहे थे। वहीं, चांदी के वायदा भाव 1.09% बढ़कर ₹2,12,956 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब $4,204 प्रति औंस और चांदी करीब $58 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
इंडिपेंडेंट रिसर्च एनालिस्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में होने वाले बदलाव कीमती धातुओं के लिए अहम रहेंगे। उन्होंने कहा, “डॉलर इंडेक्स का 102 से नीचे फिसलना और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में स्थिरता ऐसे प्रमुख कारक हैं, जिन पर नजर रखनी चाहिए। अमेरिका के हालिया PPI और रिटेल सेल्स के आंकड़ों से बाजार को दिशा देने वाले नए संकेत सीमित मिले हैं।”
सोने का आउटलुक: कहां है सपोर्ट और रेजिस्टेंस?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के लिए $4,107 प्रति औंस का स्तर अहम सपोर्ट है, जबकि $4,210 प्रति औंस पर रेजिस्टेंस है। घरेलू MCX बाजार में ₹1,46,500 प्रति 10 ग्राम का स्तर सपोर्ट के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, ₹1,49,000 और ₹1,50,000 प्रति 10 ग्राम अहम रेजिस्टेंस स्तर हैं।
अगर सोना इन रेजिस्टेंस स्तरों के ऊपर टिकाऊ बढ़त दर्ज करता है, तो तेजी की रफ्तार मजबूत हो सकती है। दूसरी ओर, सपोर्ट टूटने पर कीमतों पर दोबारा दबाव देखने को मिल सकता है।
चांदी का आउटलुक: इन स्तरों पर रखें नजर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी के लिए $56 और $54 प्रति औंस अहम सपोर्ट स्तर हैं। MCX पर ₹2,05,000 प्रति किलोग्राम का स्तर सपोर्ट है, जबकि ₹2,15,000 प्रति किलोग्राम पर रेजिस्टेंस है। अगर चांदी ₹2,15,000 के ऊपर टिकाऊ बढ़त बनाए रखती है, तो कीमतों में आगे रिकवरी की गुंजाइश बन सकती है। हालांकि, बाजार यह भी देखेगा कि चांदी अपनी बढ़त को बरकरार रख पाती है या नहीं।
डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक आर्थिक संकेतों के बीच सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों और कारोबारियों की नजर इन अहम स्तरों पर रहेगी, जो कीमतों की अगली चाल समझने में मदद कर सकते हैं।

