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सोने-चांदी में भारी गिरावट या बड़ा धमाका? बस आने वाले हैं ये आंकड़े, तुरंत चेक करें नए रेट और लेवल्स

सोने और चांदी की कीमतों में आगे तेजी आएगी या गिरावट बढ़ेगी, इस पर निवेशकों की नजर है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की कीमतें और फेड के फैसले बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। अब अमेरिकी महंगाई के आंकड़े कीमतों की अगली दिशा तय करने में अहम होंगे।

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सोने और चांदी की कीमतों की अगली चाल कैसी रहेगी इस पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। अमेरिकी डॉलर में मजबूती, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिका के फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसले कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। अब अमेरिकी महंगाई के आंकड़े भी सोने-चांदी की अगली चाल तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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13 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 9:30 बजे MCX पर सोने का वायदा भाव 0.03% गिरकर ₹1,49,502 प्रति 10 ग्राम था। वहीं, चांदी का वायदा भाव 0.12% गिरकर ₹2,22,600 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का वायदा भाव 0.40% बढ़कर 4,207 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी का वायदा भाव 0.23% बढ़कर 60 डॉलर प्रति औंस पर था।

सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव क्यों?

SS WealthStreet की फाउंडर सुगंधा सचदेवा के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के कारण सोने और चांदी की कीमतों में तेजी नहीं आ पा रही है।

सुगंधा सचदेवा ने अपने विश्लेषण में कहा, “मजबूत अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव डाल रही है और उनकी रिकवरी को सीमित कर रही है।”

कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी चिंता का विषय हैं। अगर तेल महंगा बना रहता है, तो महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है।

अब बाजार की नजर अमेरिकी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आंकड़ों पर है, जो महंगाई की स्थिति बताते हैं। अगर महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो डॉलर मजबूत हो सकता है और सोने-चांदी पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं, महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम रहने पर डॉलर और बॉन्ड यील्ड में गिरावट आ सकती है, जिससे सोने-चांदी को सहारा मिल सकता है।

सोने-चांदी के अहम स्तर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के लिए 4,100 डॉलर प्रति औंस का स्तर अहम सपोर्ट है, जबकि 4,240 डॉलर प्रति औंस रेजिस्टेंस है। घरेलू बाजार में MCX गोल्ड के लिए ₹1,48,000 प्रति 10 ग्राम सपोर्ट और ₹1,51,500 रेजिस्टेंस का स्तर है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी के लिए 58.50 डॉलर प्रति औंस सपोर्ट और 62.50 डॉलर प्रति औंस रेजिस्टेंस है। घरेलू बाजार में चांदी के लिए ₹2,17,500 प्रति किलोग्राम का स्तर अहम है।