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कौन खरीद रहे हैं ₹1.5 करोड़ के घर? लाखों की EMI के पीछे छिपी है ये वजह

देश के बड़े शहरों में घर खरीदना अब आसान फैसला नहीं रहा है। करोड़ों रुपये की कीमत वाले 3BHK फ्लैट आखिर कौन खरीद रहा है? सोशल मीडिया पर हुई चर्चा में सामने आया कि अच्छी सैलरी वाले IT कपल, होम लोन और परिवार की आर्थिक मदद के सहारे महंगी प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं।

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In Short

  • मेट्रो शहरों में ₹1.5 करोड़ से ज्यादा कीमत वाले 3BHK फ्लैट कौन खरीद रहा है, जानें पूरा गणित।
  • IT और टेक सेक्टर के कपल होम लोन और परिवार की मदद से खरीद रहे महंगी प्रॉपर्टी।
  • ज्यादा EMI के बावजूद लोग किराये के बजाय अपना घर खरीदने को दे रहे हैं प्राथमिकता।

3BHK Flat Price: देश के बड़े शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। मेट्रो सिटीज में 3BHK फ्लैट की औसत कीमत ₹1.5 करोड़ से ऊपर पहुंच गई है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि इतनी महंगी प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोग कौन हैं और इसके लिए पैसे कैसे जुटा रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर हुई चर्चा में यूजर्स ने बताया कि कई लोग होम लोन, अच्छी कमाई और परिवार की मदद के जरिए घर खरीद रहे हैं।

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IT सेक्टर के कपल्स खरीद रहे ज्यादा घर

रेडिट पर हुई चर्चा में आईटी (IT) और टेक सेक्टर में काम करने वाले लोगों का जिक्र सबसे ज्यादा हुआ। यूजर्स के मुताबिक, कई मामलों में पति-पत्नी दोनों नौकरी करते हैं और अपनी संयुक्त कमाई के आधार पर घर खरीदने का फैसला लेते हैं।

एक यूजर ने बताया कि 12 लाख रुपये सालाना पैकेज वाले दो आईटी प्रोफेशनल, जिनके पास करीब 5 साल का अनुभव है, शादी के बाद घर खरीद सकते हैं। ऐसे मामलों में माता-पिता 20 से 30 लाख रुपये तक आर्थिक मदद कर सकते हैं और बाकी रकम के लिए करीब 1.2 करोड़ रुपये का होम लोन लिया जाता है।

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ऐसे परिवारों में अक्सर एक व्यक्ति की सैलरी से घर के रोजमर्रा के खर्च पूरे किए जाते हैं, जबकि दूसरे की कमाई का इस्तेमाल होम लोन की EMI भरने में किया जाता है।

बड़ी EMI के बाद भी क्यों ले रहे हैं लोन?

लोगों का मानना है कि शुरुआत में ज्यादा EMI का बोझ महसूस होता है, लेकिन समय के साथ सैलरी बढ़ने पर इसे संभालना आसान हो जाता है। बैंक भले ही 20 से 30 साल की अवधि के लिए लोन देते हैं, लेकिन कई लोग बोनस, सैलरी बढ़ने और नौकरी बदलने से मिली अतिरिक्त कमाई से लोन जल्दी चुकाने की कोशिश करते हैं।

रेडिट यूजर्स के अनुसार, बेंगलुरु जैसे टेक हब में कई लोग ज्यादा भुगतान और पार्ट-पेमेंट के जरिए कुछ सालों में अपना लोन खत्म करने की कोशिश करते हैं।

किराये की जगह EMI को दे रहे हैं प्राथमिकता

महानगरों के प्राइम इलाकों में 3BHK फ्लैट का किराया भी ₹50,000 से ₹60,000 महीने तक पहुंच चुका है। ऐसे में कुछ लोगों का मानना है कि लंबे समय तक किराया देने के बजाय घर की EMI भरना बेहतर विकल्प हो सकता है।

यूजर्स का कहना है कि समय के साथ आमदनी बढ़ती रहती है, जबकि होम लोन की EMI आमतौर पर तय रहती है। इसलिए शुरुआत में ज्यादा लगने वाली EMI आगे चलकर आसान लग सकती है।

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घर खरीदने में परिवार की मदद अहम

महंगी प्रॉपर्टी खरीदने में परिवार की आर्थिक मदद भी कई लोगों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। माता-पिता कई बार घर की पूरी कीमत देने के बजाय डाउन पेमेंट, रजिस्ट्री या इंटीरियर जैसे खर्चों में मदद करते हैं।

इससे खरीदारों पर शुरुआती आर्थिक दबाव कम हो जाता है और वे बड़े शहरों में अपना घर खरीदने की योजना को पूरा कर पाते हैं।