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EV एक्सपोर्ट में भारत की बड़ी छलांग, दुनिया के 47 देशों तक पहुंचीं मेड इन इंडिया इलेक्ट्रिक कारें

भारत से इलेक्ट्रिक कारों के एक्सपोर्ट में बड़ी तेजी देखने को मिली है। मारुति सुजुकी की ई-विटारा ने इस बढ़त में अहम भूमिका निभाई है। पहली तिमाही में कंपनी ने हजारों इलेक्ट्रिक गाड़ियां विदेश भेजीं और भारत को ग्लोबल EV मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में नई पहचान दिलाई।

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In Short

  • भारत ने अप्रैल-जून 2026 में 15,641 इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्ट किए, जो पिछले साल से करीब 14 गुना ज्यादा हैं।
  • मारुति सुजुकी ई-विटारा को 47 देशों में भेजा गया, कंपनी का EV एक्सपोर्ट में करीब 97% हिस्सा रहा।
  • मारुति सुजुकी ने पहली तिमाही में 1,23,330 पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्ट कर 55.5% हिस्सेदारी हासिल की।

Maruti Suzuki EV export: भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। अब भारत में बनी इलेक्ट्रिक कारों की मांग विदेशों में भी बढ़ने लगी है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के बीच भारत ने बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल का एक्सपोर्ट किया है। इसमें मारुति सुजुकी की ई-विटारा इलेक्ट्रिक SUV ने सबसे बड़ा योगदान दिया है।

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EV एक्सपोर्ट में 14 गुना की बढ़ोतरी

अप्रैल-जून 2026 के दौरान भारत ने कुल 15,641 इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल विदेश भेजे हैं। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा सिर्फ 1,122 यूनिट था। यानी एक साल में भारत के EV एक्सपोर्ट में करीब 14 गुना बढ़ोतरी हुई है।

इस बढ़त में मारुति सुजुकी सबसे आगे रही। कंपनी ने इस अवधि में 15,210 इलेक्ट्रिक गाड़ियां एक्सपोर्ट कीं। भारत से भेजी गई कुल इलेक्ट्रिक कारों में मारुति की हिस्सेदारी करीब 97% रही। यह दिखाता है कि भारतीय इलेक्ट्रिक कारों की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी से बढ़ रही है।

ई-विटारा बनी कंपनी की बड़ी ताकत

मारुति सुजुकी की ई-विटारा इलेक्ट्रिक SUV विदेशी बाजारों में कंपनी की सबसे बड़ी सफलता बनकर सामने आई है। अब तक इस कार को 47 देशों में भेजा जा चुका है।

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ई-विटारा के प्रमुख बाजारों में ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, नॉर्वे, स्विट्जरलैंड, साउथ अफ्रीका और यूरोप के कई देश शामिल हैं। भारत में बनी इस SUV को मिल रही प्रतिक्रिया से पता चलता है कि विदेशी ग्राहक भारतीय ऑटो कंपनियों पर भरोसा बढ़ा रहे हैं।

भारत की EV इंडस्ट्री को मजबूती

मारुति सुजुकी की सफलता से भारत की इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री को भी नई पहचान मिली है। बेहतर तकनीक, कम लागत और किफायती कीमत की वजह से भारत में बनी EV अब वैश्विक बाजारों में अपनी जगह बना रही हैं।

अप्रैल-जून की तिमाही में भारत से भेजी गई इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संख्या पिछले पूरे वित्त वर्ष के EV एक्सपोर्ट के आधे से ज्यादा के बराबर रही। इससे साफ है कि भारत इलेक्ट्रिक कारों की सप्लाई के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

टाटा और महिंद्रा भी मैदान में

मारुति सुजुकी के अलावा टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा भी इलेक्ट्रिक कारों को विदेशी बाजारों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही हैं। कंपनियां एशिया, यूरोप, अफ्रीका और दूसरे बाजारों में अपनी EV मौजूदगी बढ़ाने पर काम कर रही हैं।

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आने वाले समय में इन कंपनियों की भागीदारी बढ़ने से भारत का EV एक्सपोर्ट बाजार और मजबूत हो सकता है।

कार एक्सपोर्ट में भी मारुति आगे

इलेक्ट्रिक गाड़ियों के अलावा कुल पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्ट में भी मारुति सुजुकी का दबदबा कायम है। पहली तिमाही में कंपनी ने 1,23,330 पैसेंजर व्हीकल विदेश भेजे। इससे भारत के कुल पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्ट में मारुति की हिस्सेदारी 55.5% रही।

ई-विटारा की सफलता बताती है कि भारत अब सिर्फ कार बनाने वाला देश नहीं, बल्कि दुनिया के बड़े ऑटो बाजारों के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियां तैयार करने वाला अहम केंद्र बन रहा है।