घर खरीदना है? भारत से ज्यादा फायदेमंद निकला दुबई, कीमत और कमाई जानकर चौंक जाएंगे
मुंबई और गुरुग्राम में घरों के बढ़ते दामों के बीच भारतीय खरीदारों की नजर दुबई पर टिक रही है। यहां आसान किस्तें ज्यादा किराया टैक्स में राहत और गोल्डन वीजा जैसे फायदे मिल रहे हैं। जानिए क्या दुबई में घर खरीदना भारत से ज्यादा फायदेमंद सौदा बन चुका है।

In Short
- दुबई में घरों की कीमत मुंबई और गुरुग्राम के कई प्रीमियम इलाकों से कम बताई गई है।
- 1% पेमेंट प्लान और 8% से 9% तक रेंटल रिटर्न भारतीय निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।
- करीब 5 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी खरीदने पर 10 साल का UAE गोल्डन वीजा मिल सकता है।
Dubai Property Investment: भारत के बड़े शहरों में घर खरीदना लगातार महंगा हो रहा है। मुंबई और गुरुग्राम के अच्छे इलाकों में प्रॉपर्टी के दाम काफी बढ़ चुके हैं। यही वजह है कि मिडिल और अपर-मिडिल क्लास के कई भारतीय अब दुबई में घर खरीदने के बारे में सोच रहे हैं।
डैन्यूब ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन रिजवान साजन बिजनेस टुडे से खास बातचीत में बताया कि दुनिया के कई हिस्सों में तनाव होने के बाद भी दुबई में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। उनके मुताबिक, इसके मुकाबले दुबई आज कहीं ज्यादा अर्फोडेबल और फायदेमंद सौदा बन चुका है.
मुंबई और गुरुग्राम के मुकाबले सस्ता घर
मुंबई के बांद्रा और नरिमन पॉइंट जैसे इलाकों में नए और महंगे प्रोजेक्ट्स की कीमत करीब 1.5 लाख रुपये प्रति कारपेट स्क्वायर फीट तक पहुंच गई है। गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड और द्वारका एक्सप्रेसवे पर भी कई प्रोजेक्ट्स के दाम काफी ज्यादा हैं।
इसके मुकाबले दुबई की अच्छी जगहों पर 70 हजार से 90 हजार रुपये प्रति स्क्वायर फीट के आसपास पूरी तरह तैयार और फर्निश्ड घर मिल सकते हैं। रिजवान साजन के मुताबिक लंदन हांगकांग और सिंगापुर में घरों के दाम दुबई से दो से तीन गुना तक ज्यादा हैं।
1% पेमेंट प्लान से घर खरीदना हुआ आसान
दुबई में 2.5 करोड़ रुपये के शुरुआती फ्लैट के लिए करीब 10% यानी 25 लाख रुपये डाउन पेमेंट देना होता है। इसके बाद 1% पेमेंट प्लान के तहत हर महीने करीब 2.5 लाख रुपये की किस्त चुकाई जा सकती है।
कुल कीमत का 70% पैसा देने के बाद खरीदार को घर की चाबी मिल सकती है। बाकी 30% रकम उस घर से मिलने वाले किराए से चुकाई जा सकती है।
किराए से मिल सकता है ज्यादा पैसा
भारत के बड़े शहरों में घर से सालाना किराया आमतौर पर 2% से 3% तक मिलता है। वहीं दुबई में निवेशकों को 8% से 9% तक सालाना रेंटल रिटर्न मिलने का दावा किया गया है।
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दुबई की आबादी करीब 40 लाख है और दुनिया के अलग-अलग देशों से लोग वहां रहने पहुंच रहे हैं। इसी वजह से वहां घरों की मांग मजबूत बने रहने की बात कही जा रही है।
टैक्स से राहत और 10 साल का गोल्डन वीजा
दुबई में इनकम टैक्स नहीं लगता और प्रॉपर्टी बेचने पर कैपिटल गेन्स टैक्स भी नहीं देना पड़ता। निवेशक को केवल 4% सरकारी लैंड डिपार्टमेंट फीस देनी होती है।
करीब 20 लाख दिरहम यानी लगभग 5 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी खरीदने पर निवेशक और उसके परिवार को 10 साल का UAE गोल्डन वीजा मिल सकता है।
डॉक्टरों के लिए अलग पेमेंट प्लान
कुछ प्रोजेक्ट्स में एक ही बिल्डिंग में घर और ऑफिस दोनों की सुविधा दी जा रही है। दिल्ली में हुए प्रॉपर्टी एक्सपो में डॉक्टरों के लिए 0.5% पेमेंट प्लान पेश किया गया। इसके तहत उन्हें हर महीने करीब 1.12 लाख रुपये देने होंगे।
रिजवान साजन के मुताबिक घर बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान की कीमत 30% से 40% तक बढ़ चुकी है। उनका मानना है कि अगले तीन से चार महीनों में दुबई की नई प्रॉपर्टी के दाम बढ़ सकते हैं।

