
काजू कतली से लेकर मसालों तक, दिवाली पर दुनियाभर में बढ़ी भारतीय फूड की मांग
दिवाली से पहले भारतीय फूड एक्सपोर्टर्स के लिए विदेशी बाजारों से अच्छी खबर आई है। भारतीय मिठाई, नमकीन, चावल, मसाले और रेडी-टू-ईट प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ रही है। TPCI के सर्वे के मुताबिक, फेस्टिव सीजन में एक्सपोर्ट डिमांड में करीब 6% ग्रोथ का अनुमान है।

In Short
- दिवाली से पहले भारतीय फूड एक्सपोर्ट की मांग बढ़ी, मिठाई, नमकीन, चावल और मसालों की विदेशों में ज्यादा खरीदारी हो रही है।
- रेडी-टू-ईट और रेडी-टू-कुक फूड की मांग तेजी से बढ़ रही है, यूरोप में इंपोर्ट ग्रोथ करीब 25% तक पहुंची।
- GCC देशों जैसे कुवैत, ओमान और बहरीन में भारतीय फेस्टिव फूड प्रोडक्ट्स की डिमांड बनी हुई है।
दिवाली के त्योहार से पहले भारतीय फूड और बेवरेज एक्सपोर्टर्स के लिए अच्छी खबर सामने आई है। विदेशों में भारतीय मिठाई, नमकीन, चावल और मसालों की मांग बढ़ रही है। इसके साथ ही रेडी-टू-ईट और रेडी-टू-कुक प्रोडक्ट्स की खरीदारी में भी तेजी देखने को मिल रही है।
ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (TPCI) के इंटरनेशनल खरीदारों और इंपोर्टर्स के सर्वे के मुताबिक, इस फेस्टिव सीजन में मांग स्थिर से मध्यम ग्रोथ कैटेगरी में है। पिछले साल के मुकाबले औसत ग्रोथ करीब 6% रहने का अनुमान है। हालांकि, कुछ बाजारों और प्रोडक्ट कैटेगरी में 15% से ज्यादा की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है।
मिठाई और पारंपरिक प्रोडक्ट्स की डिमांड
दिवाली के दौरान विदेशों में भारतीय पारंपरिक खाने की मांग बढ़ी है। इसमें मिठाई, नमकीन, चावल, मसाले, मसाला, अचार, घी और दाल जैसे प्रोडक्ट शामिल हैं।

काजू कतली, लड्डू, हलवा, भुजिया, मिक्सचर और मुरुक्कू जैसे पारंपरिक प्रोडक्ट्स को विदेशी बाजारों में खरीदार मिल रहे हैं।
रेडी-टू-ईट फूड बना नया ग्रोथ एरिया
दिवाली की मांग के बीच रेडी-टू-ईट और रेडी-टू-कुक फूड भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कुछ यूरोपीय खरीदारों ने रेडी-टू-ईट फूड इंपोर्ट में सालाना करीब 25% की बढ़ोतरी की जानकारी दी है।
भारत के प्रोसेस्ड फूड एक्सपोर्ट में भी इसका असर दिख रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में रेडी-टू-ईट और कुक्ड फूड प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट 16% बढ़कर 2.4 अरब डॉलर पहुंच गया, जो पिछले साल 2.1 अरब डॉलर था।
GCC देशों से बढ़ी खरीदारी
गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के देश भारतीय फेस्टिव फूड एक्सपोर्ट के लिए बड़े बाजार बनकर उभरे हैं।
कुवैत, ओमान और बहरीन में मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, नमकीन, चावल, मसाले, घी, अचार और रेडी-टू-ईट फूड की मांग बनी हुई है।
ये खबर पढ़ना ना भूलें: पीएम मोदी ने किया Semicon India 2026 का उद्घाटन, 600 से ज्यादा कंपनियां और स्टार्टअप लेंगे हिस्सा
कुवैत में मिठाई, पनीर, बेवरेज, कंडिमेंट्स, कैन्ड फूड और ड्राई फ्रूट्स की खरीदारी हो रही है। वहीं ओमान में चावल, मसाले, दाल और अचार की मांग देखी जा रही है। TPCI के अनुसार, कुवैत के एक खरीदार ने सालाना 28% ग्रोथ की जानकारी दी है।
हेल्थ और सुविधाजनक फूड की बढ़ रही मांग
यूरोप के बाजारों में भारतीय स्वाद वाले सुविधाजनक फूड की मांग बढ़ रही है। इनमें फ्रोजन स्नैक्स, फेस्टिव मिक्स, तैयार भोजन, इंस्टेंट मिक्स, करी, इंडियन ब्रेड और कुक्ड राइस जैसे प्रोडक्ट शामिल हैं।
TPCI के मुताबिक, यूरोपीय बाजारों में ऑर्गेनिक, वीगन, हेल्थ से जुड़े, फ्रोजन और रेडी-टू-ईट प्रोडक्ट्स को लेकर भी रुचि बढ़ रही है।
हालांकि, एक्सपोर्टर्स के सामने फ्रेट और कंटेनर लागत, कस्टम देरी, फूड सेफ्टी नियम, सीमित शेल्फ लाइफ और जियोपॉलिटिकल चुनौतियां बनी हुई हैं। इसके बावजूद फेस्टिव सीजन भारतीय फूड एक्सपोर्टर्स के लिए वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स और ग्लोबल फूड ब्रांड बनाने का अवसर दे रहा है।

