
सितंबर में बदला लाहौल-स्पीति का मौसम, ऊंची चोटियों पर सीजन की पहली बर्फबारी
सितंबर महीने में ही लाहौल-स्पीति में मौसम ने करवट ले ली है। ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी शुरू हो गई है। बारालाचा, शिंकुला और घेपन पीक बर्फ से ढक गए हैं। वहीं गिलबु पर्वत की परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने बर्फबारी का खूबसूरत नजारा देखा।

In Short
- लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले इलाकों में सितंबर में ही सीजन की पहली बर्फबारी शुरू हो गई है।
- बारालाचा, शिंकुला और घेपन पीक समेत कई पहाड़ी इलाके बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं।
- गिलबु पर्वत की परिक्रमा के लिए पहुंचे करीब 3 हजार श्रद्धालुओं ने बर्फबारी के बीच यात्रा पूरी की।
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में सितंबर महीने में ही सर्दी का असर दिखने लगा है। जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी शुरू हो गई है। बारालाचा, शिंकुला और घेपन पीक समेत कई ऊंचे पहाड़ी इलाके बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं।
पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद पूरे इलाके का नजारा बदल गया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बर्फ के फाहे गिर रहे हैं, जबकि निचले इलाकों में बारिश हो रही है।
तापमान में गिरावट से बढ़ी ठंड
लाहौल-स्पीति में बारिश और बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। सितंबर में ही मौसम ने करवट ले ली है और इलाके में ठंड बढ़ने लगी है।
ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश के चलते मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है।
गिलबु पर्वत पर बर्फ के बीच आस्था यात्रा
बदले हुए मौसम के बीच लाहौल के गिलबु पर्वत से आई तस्वीरें लोगों का ध्यान खींच रही हैं। चारों तरफ बर्फ की सफेद चादर और उसके बीच श्रद्धालुओं की आस्था यात्रा का नजारा बेहद खास दिखाई दे रहा है।

गिलबु पर्वत की परिक्रमा के लिए करीब 3 हजार श्रद्धालु पहुंचे हैं। इस धार्मिक यात्रा में देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालु शामिल होने आए हैं।
बर्फबारी के बीच श्रद्धालुओं ने पूरी की परिक्रमा
गिलबु पर्वत की परिक्रमा करीब 14 से 15 घंटे में पूरी होती है। इस बार श्रद्धालुओं ने बर्फबारी के बीच इस यात्रा को पूरा किया।
बर्फ के फाहों के बीच चलते श्रद्धालु इस मौसम को देखकर काफी उत्साहित नजर आए। अचानक हुई बर्फबारी ने यात्रा के अनुभव को और खास बना दिया।
सितंबर में ही बदला लाहौल-स्पीति का मौसम
लाहौल-स्पीति में ऊंची चोटियों पर सफेद बर्फ दिखाई दे रही है, वहीं निचले इलाकों में बारिश हो रही है। गिरते तापमान के साथ सितंबर में ही इलाके में सर्दियों की शुरुआत जैसी स्थिति बन गई है।
बर्फ से ढके पहाड़ और आस्था यात्रा का नजारा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

