
UPI पेमेंट करने वालों के लिए बड़ी खबर! MDR चार्ज को लेकर सरकार ने उठाया कदम, जानें क्या बदलेगा
UPI MDR चार्ज को लेकर सरकार अब एक नए मैकेनिज्म पर काम कर रही है। कोशिश है कि इस चार्ज का बोझ ग्राहकों पर न आए। IBA के साथ चर्चा और जागरूकता अभियान के जरिए व्यापारियों को नए नियम समझाए जाएंगे। जानिए क्या है पूरी व्यवस्था।

In Short
- सरकार IBA के साथ मिलकर MDR चार्ज ग्राहकों तक पहुंचने से रोकने की व्यवस्था बनाएगी।
- 15 अक्टूबर से 2000 रुपये से ज्यादा के कुछ UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होगा नया MDR फ्रेमवर्क।
- फ्यूल जैसे कुछ कम मार्जिन वाले सेक्टर के लिए 5 रुपये का फ्लैट MDR तय किया गया है।
सरकार UPI Merchant Discount Rate (MDR) को लेकर इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ चर्चा करने की तैयारी में है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि MDR का खर्च व्यापारी ग्राहकों से वसूल न करें और लोगों पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में एक ऐसा मैकेनिज्म तैयार करने पर विचार किया जा रहा है, जिससे UPI पेमेंट पर लगने वाले MDR चार्ज को सीधे ग्राहकों पर डालने से रोका जा सके।
IBA चलाएगा जागरूकता अभियान
सरकार के साथ चर्चा के बाद IBA व्यापारियों और ग्राहकों के बीच कई जागरूकता अभियान भी चला सकता है। इन अभियानों के जरिए MDR के नए नियमों को समझाने और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी कि व्यापारी इस चार्ज को ग्राहकों से न लें।
हालांकि, सरकार फिलहाल MDR व्यवस्था में बदलाव करने पर विचार नहीं कर रही है। वित्त मंत्रालय के पास किसी भी जरूरी क्षेत्र, जिसमें फ्यूल सेक्टर भी शामिल है, को UPI MDR से छूट देने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
व्यापारियों और पेट्रोल पंप डीलरों ने जताई चिंता
यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब व्यापारियों और पेट्रोल पंप डीलरों ने MDR लागू होने से अपने कारोबार पर असर पड़ने की चिंता जताई है।
सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्रालय व्यापारियों, खासकर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT), के साथ बातचीत कर सकता है। इस दौरान व्यापारियों को MDR के नियमों की जानकारी दी जाएगी और यह साफ किया जाएगा कि इसका खर्च ग्राहकों से नहीं लिया जाना चाहिए।

15 अक्टूबर से लागू होगा नया MDR फ्रेमवर्क
नए MDR फ्रेमवर्क के तहत 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ पर्सन-टू-मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% चार्ज लगेगा। वहीं, कुछ जरूरी और कम मार्जिन वाले सेक्टर, जैसे फ्यूल, के लिए 5 रुपये का फ्लैट MDR तय किया गया है।
यह नया फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर से लागू होने वाला है।
सरकार का रुख साफ
सरकार का कहना है कि MDR मर्चेंट पेमेंट सिस्टम के अंदर लगने वाला चार्ज है और इसे ग्राहकों के लिए अतिरिक्त लागत नहीं बनना चाहिए।
वहीं, पेट्रोल पंप डीलरों ने कम मार्जिन वाले कारोबार पर MDR के असर को लेकर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सामने अपनी चिंता रखी है। सूत्रों के मुताबिक, इन चिंताओं का समाधान पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से किया जाएगा।
सरकार और IBA के बीच होने वाली बातचीत का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि MDR व्यवस्था लागू होने के बाद भी ग्राहकों पर इसका अतिरिक्त वित्तीय भार न आए।

