
सिक्किम में भारी बारिश का कहर रिम्बी गांव में भूस्खलन से कई घर प्रभावित; जानें पूरा अपडेट
सिक्किम में लगातार भारी बारिश के बीच रिम्बी गांव में हुए भूस्खलन ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मलबे की चपेट में कई घर और सरकारी ढांचे आए हैं। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन व राहत से जुड़े काम जारी हैं।

In Short
- सिक्किम के रिम्बी गांव में भारी बारिश के बाद बड़ा भूस्खलन, कई घर और सरकारी क्वार्टर प्रभावित
- मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए
- बारिश से कई इलाकों में सड़कें बंद, प्रशासन नुकसान का आकलन कर कनेक्टिविटी बहाल करने में जुटा
सिक्किम के ग्यालशिंग जिले के रिम्बी गांव में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बड़ा भूस्खलन हुआ है। यह इलाका पश्चिम सिक्किम के युक्सोम-ताशीडिंग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार रात 24 सितंबर को हुए इस भूस्खलन में मलबा रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ गया, जिससे कई घरों और सरकारी ढांचों को नुकसान पहुंचा है।
भूस्खलन की चपेट में पावर डिपार्टमेंट के सरकारी क्वार्टर भी आए हैं। कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं या पूरी तरह प्रभावित हुए हैं। हालांकि, अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। लगातार बारिश जारी रहने से आसपास के घरों, संपत्तियों और इलाके की कनेक्टिविटी पर खतरा बना हुआ है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए अलर्ट रहने के निर्देश
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने रिम्बी की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा और उनकी भलाई सरकार की पहली प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने स्थानीय अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने, स्थिति पर लगातार नजर रखने और लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने प्रभावित इलाके के लोगों से सतर्क रहने, प्रशासन की ओर से जारी सलाह का पालन करने और एक-दूसरे की मदद करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोगों की सुरक्षा और स्थिति को संभालने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है।

कई इलाकों में सड़कें बंद, नुकसान का आकलन जारी
सिक्किम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन, मलबा बहने और सड़कें बंद होने की घटनाएं सामने आई हैं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), गंगटोक ने बारिश से हुए नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।
काबी तिंगदा विधायक छेरिंग टी भूटिया के नेतृत्व में एक मल्टी-एजेंसी टीम ने बुधवार और गुरुवार को कई प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। टीम में विधायक के ओएसडी, पार्षद, DDMA अधिकारी, रोड्स एंड ब्रिजेज विभाग के इंजीनियर, रांका ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर और राजस्व सर्वेक्षक शामिल थे।
टीम ने लुइंग-रांका हाईवे के पास बोजोगहारी, लोअर बोजोगहारी, लिंगडिंग, हाई कोर्ट रोड, TNA गेट, VIP कॉलोनी, अपर Z-बोजोगहारी, पांगथांग-लिंगडोक रोड सहित कई इलाकों का जायजा लिया।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने को कहा
अधिकारियों के अनुसार, कई सड़कों पर अभी भी मलबा जमा है, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। सिचे स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं, एंचे स्कूल 33/11 केवी स्विचिंग स्टेशन के पास जमा मलबे को संभावित खतरा बताया गया है।
प्रशासन ने कमजोर भूस्खलन वाले इलाकों में बारिश के पानी को रोकने के लिए तिरपाल लगाए हैं। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को सड़कें और मलबा हटाने, कनेक्टिविटी बहाल करने, नुकसान की जांच करने और प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
लोगों से अपील की गई है कि वे भूस्खलन प्रभावित इलाकों में बिना जरूरत यात्रा न करें, खासकर रात के समय सतर्क रहें और जमीन में दरार, ढलान खिसकने या गिरते मलबे जैसी स्थिति की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बीच रिम्बी और अन्य प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन और राहत से जुड़े काम जारी हैं।

