ग्रीन एनर्जी से सेमीकंडक्टर तक निवेश... देश का नया इंडस्ट्री हब बन रहा ये इलाका
आंध्र प्रदेश का रायलसीमा तेजी से नए इंडस्ट्री हब के रूप में उभर रहा है। यहां 275 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स के जरिए ₹4.58 लाख करोड़ के निवेश और 3.57 लाख नौकरियों की उम्मीद है। जानिए किन सेक्टर्स में पैसा लगेगा और कौन सी कंपनियां प्लांट लगाने की तैयारी में हैं।

In Short
- आंध्र प्रदेश का रायलसीमा इलाका तेजी से एक बड़े इंडस्ट्री हब के रूप में उभर रहा है।
- राज्य में 275 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू होने वाला है।
- रिन्यूएबल एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग सेमीकंडक्टर और लॉजिस्टिक्स में बड़े निवेश की तैयारी है।
Andhra Pradesh Investment: आंध्र प्रदेश का रायलसीमा इलाका तेजी से एक बड़े इंडस्ट्री हब के रूप में उभर रहा है। यहां 275 से ज्यादा प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हैं। इन प्रोजेक्ट्स में करीब ₹4.58 लाख करोड़ का निवेश आने की उम्मीद है।
इनके शुरू होने से करीब 3.57 लाख लोगों के लिए रोजगार के मौके बन सकते हैं।
बेहतर कनेक्टिविटी से मिल रहा फायदा
रायलसीमा आंध्र प्रदेश के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में स्थित है। यह आंध्र प्रदेश को कर्नाटक और तमिलनाडु से जोड़ने वाले रास्ते के रूप में काम करता है।
नेशनल हाईवे, रेल नेटवर्क और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के जरिए इसकी बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई से अच्छी कनेक्टिविटी है। आंध्र प्रदेश के बंदरगाहों तक आसान पहुंच के कारण यह इलाका मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों के लिए भी खास बन रहा है।
रिन्यूएबल एनर्जी में बड़ा निवेश
रायलसीमा में रिन्यूएबल एनर्जी सबसे बड़ा सेक्टर बनकर सामने आया है। ग्रीनको कुरनूल के पिन्नापुरम में ₹30,000 करोड़ की लागत से 5,230 मेगावाट का प्रोजेक्ट तैयार कर रही है।
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इसमें 3,000 मेगावाट सौर ऊर्जा, 550 मेगावाट पवन ऊर्जा और 1,680 मेगावाट पंप स्टोरेज शामिल है। इसके अलावा ₹7,000 करोड़ का मदाकासिरा सोलर पार्क, 200 मेगावाट का यशस्वा विद्युत प्रोजेक्ट और 1.2 गीगावाट का NTPC सोलर पार्क भी शामिल है।
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर भी होगा तैयार
₹22,000 करोड़ की लागत से ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर बनाने की योजना है। इसके तहत 2,261 किलोमीटर लंबी बिजली लाइनें तैयार की जाएंगी। इनके जरिए 11 गीगावाट सौर ऊर्जा और 7 गीगावाट पंप स्टोरेज क्षमता को जोड़ा जाएगा।
श्री सत्य साई जिले में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ₹51,300 करोड़ की नई ऊर्जा परियोजना का प्रस्ताव रखा है। इसमें 6,600 मेगावाट का सोलर प्लांट और 29 गीगावाट का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम शामिल है।
स्टील से सेमीकंडक्टर तक लगेंगे प्लांट
JSW स्टील कडप्पा में ₹16,350 करोड़ का स्टील प्लांट लगा रही है, जिससे 10,000 से ज्यादा रोजगार मिलने की उम्मीद है। कुरनूल में इंडिचिप सेमीकंडक्टर्स ₹14,000 करोड़ का प्लांट लगाएगी।
रिलायंस रिटेल ओरवाकल में ₹1,622 करोड़ का पैकेज्ड बेवरेज प्लांट लगाने की तैयारी में है। इससे 5,000 तक रोजगार मिल सकते हैं।
कई बड़ी कंपनियां करेंगी निवेश
रॉयल एनफील्ड तिरुपति में ₹2,500 करोड़ का प्लांट लगाने की योजना बना रही है, जिसकी सालाना क्षमता 9 लाख मोटरसाइकिल होगी। कैरियर ग्लोबल ₹1,000 करोड़ का निवेश करेगी।
ह्वासुंग कुप्पम में ₹898 करोड़ की लागत से अपनी पहली भारतीय यूनिट लगाएगी, जिससे 17,000 से ज्यादा नौकरियां मिलने की उम्मीद है। वहीं मदनपल्ले में ₹1 लाख करोड़ की लागत से ग्लोबल बागवानी केंद्र बनाने का प्रस्ताव है।

