Retail Inflation: फिर बढ़ी महंगाई, लगातार छठे महीने बढ़ी दर, RBI के 4% लक्ष्य के पार पहुंची दर
जून में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई है और पांच महीने बाद RBI के 4% लक्ष्य से ऊपर निकल गई है। लगातार छठे महीने महंगाई बढ़ने से चिंता गहरा गई है। जानिए मई के मुकाबले कितनी बढ़ी महंगाई और RBI ने इसके लिए क्या सीमा तय की है।

In Short
- जून में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई है।
- मई के 3.93% के मुकाबले महंगाई में 0.45% की बढ़ोतरी हुई है।
June Retail Inflation: देश में महंगाई ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सरकार ने जून महीने के खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी कर दिए हैं। नए आंकड़ों के मुताबिक, जून में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई है।
यह लगातार छठा महीना है, जब महंगाई दर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही पांच महीने बाद खुदरा महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI के 4% के तय लक्ष्य से ऊपर निकल गई है।
मई के मुकाबले 0.45% बढ़ी महंगाई
मई महीने में खुदरा महंगाई दर 3.93% दर्ज की गई थी। जून में इसमें 0.45% की बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई।
मई में भी महंगाई दर में बढ़ोतरी देखने को मिली थी। अब जून के आंकड़ों ने एक बार फिर महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खास बात यह है कि CPI आधारित खुदरा महंगाई पांच महीने बाद RBI के तय लक्ष्य से ऊपर गई है।
RBI का लक्ष्य 4% तय
भारतीय रिजर्व बैंक ने खुदरा महंगाई के लिए मध्यम अवधि का लक्ष्य 4% तय किया है। हालांकि, इसमें 2% ऊपर या 2% नीचे जाने की सीमा भी रखी गई है।
इसका मतलब है कि महंगाई दर को 2% से 6% के बीच रखने का दायरा तय किया गया है। जून में खुदरा महंगाई 4.38% दर्ज की गई, जो RBI के 4% के मुख्य लक्ष्य से ऊपर है।
लगातार छठे महीने बढ़ी महंगाई
जून का आंकड़ा इसलिए भी अहम है, क्योंकि यह लगातार छठा महीना है जब महंगाई दर में बढ़ोतरी हुई है। पांच महीने तक 4% के लक्ष्य के नीचे रहने के बाद अब खुदरा महंगाई फिर इस स्तर को पार कर गई है।
सरकार की ओर से जारी CPI आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि जून में महंगाई का दबाव बढ़ा है। मई के 3.93% के मुकाबले जून में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई है।

