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गुवाहाटी-तेजपुर के बीच बनेगा 4 लेन हाईवे! ₹8,970 करोड़ के प्रोजेक्ट को कैबिनेट की मिली मंजूरी

असम में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने गुवाहाटी-तेजपुर के बीच 135.871 किलोमीटर लंबे 4 लेन एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट से यात्रा का समय आधा होने, ट्रैफिक जाम कम होने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।

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In Short

  • गुवाहाटी-तेजपुर के बीच 135.871 किलोमीटर लंबा 4 लेन एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर बनेगा।
  • ₹8,970.20 करोड़ के प्रोजेक्ट में 5 बड़े बाईपास और 4.9 किलोमीटर की इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा शामिल है।
  • कॉरिडोर बनने से यात्रा का समय आधा होगा और असम-अरुणाचल प्रदेश की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

Guwahati Tezpur Corridor: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने असम में गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर के विकास को मंजूरी दे दी है। NH-15 पर बनने वाला यह कॉरिडोर 135.871 किलोमीटर लंबा होगा और इसे 4 लेन का बनाया जाएगा। यह पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे होगा।

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इस प्रोजेक्ट को बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर यानी BOT टोल मॉडल पर तैयार किया जाएगा। परियोजना की कुल लागत ₹8,970.20 करोड़ तय की गई है। इसका विकास राष्ट्रीय राजमार्ग योजना के तहत किया जाएगा।

 तेजपुर बाईपास पर बनेगी इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा

इस हाईवे प्रोजेक्ट की एक बड़ी खासियत तेजपुर बाईपास पर बनने वाली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी होगी। इसकी लंबाई 4.9 किलोमीटर होगी। इस सुविधा को भारतीय वायुसेना के साथ तालमेल कर अंतिम रूप दिया गया है।

इस कॉरिडोर के बनने से ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी हिस्से में मौजूद NH-27 यानी ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है।

पांच बड़े बाईपास का होगा निर्माण

प्रोजेक्ट में कुल पांच बड़े बाईपास बनाए जाएंगे, जिनकी कुल लंबाई 58.7 किलोमीटर होगी। इन बाईपास के बनने से घनी आबादी वाले इलाकों से गुजरने वाले ट्रैफिक को बाहर से निकाला जा सकेगा।

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इससे बैहाटा चरियाली, सिपाझार, खरुपेटिया, ढेकियाजुली और तेजपुर जैसे क्षेत्रों में जाम की समस्या कम होगी। स्थानीय लोगों को भी भारी वाहनों और लंबी दूरी के ट्रैफिक से राहत मिलने की उम्मीद है।

पुल, फ्लाईओवर और अंडरपास भी बनेंगे

गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर में 15 बड़े पुल और 30 छोटे पुल बनाए जाएंगे। इसके अलावा 19 फ्लाईओवर और 46 अंडरपास का निर्माण किया जाएगा।

तेजपुर बाईपास पर वन्यजीवों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए एक एलिफेंट अंडरपास भी बनाया जाएगा। एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे होने के कारण स्थानीय ट्रैफिक की आवाजाही बनाए रखने के लिए करीब 210 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड भी तैयार की जाएगी।

आधा हो जाएगा सफर का समय

सरकार के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद वाहनों की औसत रफ्तार करीब दोगुनी हो सकती है। गुवाहाटी से तेजपुर के बीच यात्रा का समय लगभग आधा हो जाएगा।

इससे सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, ईंधन की बचत होगी और वाहनों को चलाने का खर्च भी कम होगा। परियोजना से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ आर्थिक और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

असम और अरुणाचल प्रदेश को होगा फायदा

यह कॉरिडोर असम और अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक केंद्रों को बेहतर सड़क संपर्क देगा। इससे आठ औद्योगिक पार्क, दरांग और उदलगुरी जैसे दो आकांक्षी जिलों, तीन प्रमुख पर्यटन स्थलों और सात लॉजिस्टिक केंद्रों तक पहुंच आसान होगी।

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इन पर्यटन स्थलों में मां कामाख्या मंदिर, काजीरंगा नेशनल पार्क और ओरंग नेशनल पार्क शामिल हैं। कॉरिडोर से तीन बड़े रेलवे स्टेशन, दो एयरपोर्ट और दो जलमार्ग टर्मिनल भी जुड़ेंगे, जिससे यात्रियों और सामान की आवाजाही तेज हो सकेगी।