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मेट्रो या टियर-2 शहर कहां खरीदें अगला घर? एक्सपर्ट ने बताया होमबायर्स को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान

रियल एस्टेट में निवेश करने वाले लोगों के लिए सबसे बड़ा सवाल है कि अगला घर मेट्रो शहर में खरीदा जाए या टियर-2 सिटी में। Knight Frank India की अंकिता सूद ने बताया कि खरीदारों को सिर्फ कीमत और भविष्य के वादों पर नहीं बल्कि शहर की आर्थिक स्थिति, रोजगार और मांग जैसे पहलुओं को देखकर फैसला लेना चाहिए।

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कहां खरीदें अगला घर?
कहां खरीदें अगला घर?

In Short

  • घर रहने के लिए खरीद रहे हैं तो वर्कप्लेस के आसपास प्रॉपर्टी चुनना बेहतर हो सकता है।
  • निवेश के लिए टियर-2 शहरों में मौके हैं लेकिन आर्थिक आधार और मांग को समझना जरूरी है।
  • एक्सपर्ट ने कहा प्रॉपर्टी खरीदते समय सिर्फ भविष्य के वादों पर नहीं बल्कि मौजूदा फंडामेंटल्स पर ध्यान दें।

रियल एस्टेट मार्केट में घर खरीदने वालों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगली प्रॉपर्टी कहां खरीदी जाए? क्या मेट्रो शहरों में निवेश करना बेहतर रहेगा या फिर टियर-2 शहरों में बढ़ते अवसरों का फायदा उठाना चाहिए? कीमतों में अंतर और भविष्य में संभावित ग्रोथ को देखते हुए खरीदारों को सोच-समझकर फैसला लेने की जरूरत है।

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बिजनेस टुडे के एक शो में सीनियर एंकर साक्षी बत्रा के सवालों का जवाब देते हुए Knight Frank India की नेशनल डायरेक्टर रिसर्च अंकिता सूद ने कहा कि घर खरीदारों को सबसे पहले यह देखना चाहिए कि वह प्रॉपर्टी किस उद्देश्य से खरीद रहे हैं। अगर घर रहने के लिए खरीदा जा रहा है तो उसे अपने वर्कप्लेस के आसपास खरीदना ज्यादा सही फैसला हो सकता है। वहीं, निवेश के नजरिए से टियर-2 शहरों में मौके अच्छे हो सकते हैं, लेकिन वहां निवेश करने से पहले शहर के आर्थिक आधार और ग्रोथ की संभावनाओं को समझना जरूरी है।

अंकिता सूद ने कहा कि होमबायर्स को सिर्फ भविष्य के वादों के आधार पर प्रॉपर्टी नहीं खरीदनी चाहिए। अगर किसी इलाके में इंफ्रास्ट्रक्चर आने का दावा किया जा रहा है तो खरीदारों को प्रोजेक्ट की स्थिति और डेवलपमेंट की वास्तविक प्रगति को जरूर देखना चाहिए। सिर्फ डेवलपर या इंफ्रास्ट्रक्चर के वादे पर निवेश करने से बचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि निवेश के लिए प्रॉपर्टी खरीदते समय यह समझना जरूरी है कि आने वाले 5 से 10 साल में उस प्रॉपर्टी को कौन खरीदेगा। अगर मकसद किराये से कमाई करना है तो यह भी देखना चाहिए कि उस शहर में कितने लोग काम के लिए आएंगे और किराये की मांग कैसी रहेगी।

रियल एस्टेट निवेश में सिर्फ भविष्य की संभावनाएं ही नहीं, बल्कि मौजूदा आर्थिक स्थिति भी अहम होती है। किसी भी शहर में निवेश करने से पहले वहां रोजगार के अवसर, आर्थिक गतिविधियां, इंफ्रास्ट्रक्चर और लोगों की मांग को समझना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि टियर-2 शहरों में निवेश के अवसर मौजूद हैं, लेकिन खरीदारों को अपनी रिसर्च के बाद ही फैसला लेना चाहिए। प्रॉपर्टी खरीदना लंबे समय का निवेश होता है, इसलिए जगह चुनते समय आज की मजबूत बुनियाद और भविष्य की संभावनाओं दोनों को ध्यान में रखना चाहिए।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। BT Bazaar अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।