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₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोटों की तैयारी तेज! ट्रायल सफल रहा तो अगले वित्त वर्ष से हो सकती है शुरुआत

बुधवार को मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि केंद्रीय बैंक तय योजना के मुताबिक अगले वित्त वर्ष की शुरुआत तक इन नोटों को प्रचलन में लाने का टारगेट लेकर चल रहा है।

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अगले वित्त वर्ष यानी FY28 की शुरुआत से ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक (पॉलिमर) नोट चलन में लाने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, यह कदम फील्ड ट्रायल के सफल रहने पर ही आगे बढ़ेगा।

बुधवार को मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि केंद्रीय बैंक तय योजना के मुताबिक अगले वित्त वर्ष की शुरुआत तक इन नोटों को प्रचलन में लाने का टारगेट लेकर चल रहा है।

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पहले ट्रायल, फिर होगा आगे का फैसला

आरबीआई ₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोटों को ट्रायल के तौर पर जारी करेगा। यह पहल सरकार की मंजूरी मिलने के बाद आगे बढ़ी है। सरकार ने हाल ही में RBI को पॉलिमर नोटों के फील्ड ट्रायल की अनुमति दी है। यह प्रस्ताव पहली बार एक दशक से भी अधिक पहले सामने आया था, लेकिन तब इसे लागू नहीं किया जा सका था।

आखिर क्यों ला रहा है RBI पॉलिमर नोट?

संजय मल्होत्रा ने कहा कि कम वैल्यू वाले नोट सबसे ज्यादा लेनदेन में इस्तेमाल होते हैं, इसलिए उनकी उम्र काफी कम होती है। उनके मुताबिक, "पॉलिमर नोट ज्यादा टिकाऊ होते हैं और उनकी लाइफ लंबी होती है। कम मूल्य के नोट तेजी से हाथ बदलते हैं, इसलिए उनके लिए यह तकनीक ज्यादा उपयुक्त है।"

मौजूदा भारतीय नोट कपास आधारित कागज पर छपते हैं, जबकि पॉलिमर नोट मजबूत प्लास्टिक सब्सट्रेट पर तैयार किए जाते हैं। ये नमी, गंदगी और सामान्य घिसावट का बेहतर सामना कर सकते हैं। RBI का मानना है कि इससे ₹10 और ₹20 जैसे नोटों को बार-बार बदलने की जरूरत कम होगी और लंबे समय में करेंसी मैनेजमेंट की लागत भी घटेगी।

सरकार ने दी सीमित मंजूरी

सरकार ने फिलहाल एक अरब ₹10 और एक अरब ₹20 के पॉलिमर नोटों की छपाई केवल फील्ड ट्रायल के लिए मंजूर की है। इस दौरान देखा जाएगा कि ये नोट भारतीय मौसम और भारी उपयोग के बीच कैसा प्रदर्शन करते हैं। सरकार ने साफ किया है कि अभी सभी कागजी नोटों को पॉलिमर नोटों से बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

ट्रायल के दौरान पॉलिमर और कागजी दोनों तरह के नोट साथ-साथ चलन में रहेंगे। यदि परीक्षण सफल रहता है तो अगले वित्त वर्ष की शुरुआत से ₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोट नियमित रूप से जारी किए जा सकते हैं।