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Budget 2026: MSME की रफ्तार बढ़ाने का मौका, कर्ज से लेकर निर्यात तक बड़े फैसलों की आस - जानिए क्या है उम्मीदें

इंडस्ट्री की राय है कि बजट में कर्ज की आसान उपलब्धता, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को बढ़ावा, और निर्यात को मजबूत बनाने वाले कदमों पर खास फोकस होना चाहिए।

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Union Budget 2026: जैसे-जैसे वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट नजदीक आ रहा है, एमएसएमई (MSME) सेक्टर को देश की आर्थिक विकास यात्रा के अगले फेज के लिए कुछ बड़े और ठोस बदलावों की उम्मीद है। इंडस्ट्री की राय है कि बजट में कर्ज की आसान उपलब्धता, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को बढ़ावा, और निर्यात को मजबूत बनाने वाले कदमों पर खास फोकस होना चाहिए।

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एक्सिस बैंक के कमर्शियल बैंकिंग ग्रुप के प्रेसिडेंट और हेड विजय शेट्टी का कहना है कि वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट एमएसएमई के नेतृत्व में विकास को तेज करने का एक अहम मौका हो सकता है, खासकर तब जब भारत मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट वैल्यू चेन में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर को ऐसे कदमों की उम्मीद है, जिनसे सस्ता और आसान कर्ज, क्रेडिट गारंटी को मजबूत करने, और कैश-फ्लो को तेज करने में मदद मिले, खासकर उन छोटे उद्यमों के लिए जो सप्लाई चेन का हिस्सा हैं। इसके साथ ही डिजिटल तकनीक अपनाने, कंप्लायंस को सरल बनाने और टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन के लिए लगातार नीतिगत समर्थन एमएसएमई की उत्पादकता और मजबूती को काफी बढ़ा सकता है।

एक्सिस बैंक में मिड-कॉरपोरेट्स और मीडियम एंटरप्राइजेज ग्रुप के प्रेसिडेंट और हेड प्रशांत टी.एस. का कहना है कि जैसे-जैसे केंद्रीय बजट नजदीक आ रहा है, भारत की नीतियों में एमएसएमई सेक्टर के बदलाव को तेज करने की जरूरत है। अब यह सेक्टर अस्थायी राहतों की जगह लंबे समय के ढांचागत समर्थन की उम्मीद कर रहा है, जिससे कर्ज की उपलब्धता और वित्तीय मजबूती बढ़े। साथ ही, निर्यात फाइनेंस सिस्टम को नए सिरे से मजबूत करना, कस्टम प्रक्रियाओं को आसान बनाना और लॉजिस्टिक्स को आधुनिक करना बेहद जरूरी होगा, ताकि एमएसएमई वैश्विक बाजारों में ज्यादा तेजी और भरोसे के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें।