यूनियन बजट 2024: क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा हुआ जानिए
यह बजट अर्थव्यवस्था की आवश्यकताओं को संतुलित करने के साथ-साथ उपभोक्ताओं की सस्ती कीमतों की चिंताओं को भी ध्यान में रखता है।

ित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2024 पेश किया है जिसमें भारत के विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। यह बजट अर्थव्यवस्था की आवश्यकताओं को संतुलित करने के साथ-साथ उपभोक्ताओं की सस्ती कीमतों की चिंताओं को भी ध्यान में रखता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि बजट घोषणाओं के बाद क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा हुआ।
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यह चीजें हुई सस्ती
मोबाइल फोन और एक्सेसरीज: मोबाइल फोन और चार्जर्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) को 15% तक घटा दिया गया है। इस कदम से स्मार्टफोन और संबंधित एक्सेसरीज की कीमतें कम होने की उम्मीद है, जिससे उपभोक्ताओं के लिए ये अधिक सुलभ हो जाएंगे।
सोना-चाँदी: सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी को 6% और प्लेटिनम पर 6.5% कर दिया गया है। यह कमी इन धातुओं को अधिक सस्ता बनाने के लिए है, खासकर उन उपभोक्ताओं के लिए जो आभूषण में निवेश करना चाहते हैं।
कैंसर की दवाएं: तीन विशेष कैंसर उपचार दवाओं को कस्टम ड्यूटी से छूट दी गई है, जिससे इन आवश्यक दवाओं की कीमतों में महत्वपूर्ण कमी आएगी।
मछली और झींगा चारा: मछली के चारे और झींगा पर BCD को 5% तक घटा दिया गया है, जिससे कृषि क्षेत्र को लाभ मिलेगा और किसानों के संचालन की लागत कम होगी।
महत्वपूर्ण खनिज: 25 महत्वपूर्ण खनिजों पर कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह से छूट दी गई है, जो नवीकरणीय ऊर्जा और टेलीकम्युनिकेशन जैसे उच्च तकनीकी क्षेत्रों के लिए आवश्यक हैं। इससे इन उद्योगों में उत्पादन लागत कम हो सकती है।
यह चीजें हुई महँगी
टेलीकॉम उपकरण: विशिष्ट टेलीकॉम उपकरणों पर BCD को 10% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है। इससे टेलीकॉम सेवाओं और उपकरणों की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है, जो सीधे उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगा।
प्लास्टिक उत्पाद: नॉन-बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक पर कस्टम ड्यूटी को 25% कर दिया गया है। यह कदम हानिकारक सामग्री के उपयोग को कम करने के लिए है, लेकिन इससे प्लास्टिक उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं।
सिगरेट और तंबाकू: बजट में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर करों में बढ़ोतरी की गई है, जिससे ये महंगे हो जाएंगे। यह कदम उपभोक्ता स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए है।
निवेश कर: 12 महीने से अधिक समय तक रखे गए शेयरों पर कर को 10% से बढ़ाकर 12.5% कर दिया गया है, और एक साल से कम समय तक रखे गए शेयरों पर कर को 15% से बढ़ाकर 20% कर दिया गया है। यह बदलाव अल्पकालिक निवेश को हतोत्साहित कर सकता है।
रसोई उपकरण: इलेक्ट्रिक किचन चिमनी पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी गई है, जिससे इन उपकरणों की कीमतें बढ़ सकती हैं, जो उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगी जो अपने किचन उपकरणों को अपग्रेड करना चाहते हैं।
यूनियन बजट 2024 ने मूल्य निर्धारण में मिश्रित बदलाव प्रस्तुत किए हैं, जो सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं। जबकि मोबाइल फोन, कीमती धातुएं और आवश्यक दवाएं सस्ती हुई हैं, वहीं टेलीकॉम उपकरण, प्लास्टिक उत्पाद और तंबाकू उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति सरकार की चिंता को उजागर किया है।
जैसे-जैसे उपभोक्ता इन परिवर्तनों के साथ सामंजस्य बिठाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये मूल्य परिवर्तन समग्र खर्च पैटर्न और आने वाले वित्तीय वर्ष में आर्थिक गतिविधियों को कैसे प्रभावित करते हैं।