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Budget 2026: आगामी बजट पर टिकी हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की नजर, बड़ी राहत की मांग - जानिए क्या है उम्मीदें

Union Budget 2026: Chalet Hotels Limited के कार्यकारी निदेशक, श्वेतांक सिंह ने हॉस्पिटैलिटी सेक्टर (Hospitality Sector) को आगामी बजट से क्या उम्मीदे हैं यह बताया है। चलिए डिटेल में जानते हैं। 

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रविवार 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश करेंगी। बजट के पेश होने से पहले विभिन्न सेक्टर के एक्सपर्ट अपनी-अपनी उम्मीदों को शेयर कर रहे हैं। इसी कड़ी में Chalet Hotels Limited के कार्यकारी निदेशक, श्वेतांक सिंह ने हॉस्पिटैलिटी सेक्टर (Hospitality Sector) को आगामी बजट से क्या उम्मीदे हैं यह बताया है। चलिए डिटेल में जानते हैं। 

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श्वेतांक सिंह ने बताया कि जैसे-जैसे 2026 का बजट नजदीक आ रहा है, भारत का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर उम्मीदों के साथ सरकार की ओर देख रहा है। एक्सपर्ट ने बाताया कि यह सेक्टर अब तक करीब 4.65 करोड़ लोगों को रोजगार दे चुका है और अनुमान है कि 2035 तक 6.4 करोड़ नौकरियों को सहारा देगा। इसके बावजूद इसे अब तक इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का दर्जा नहीं मिला है, जो इसके विस्तार में एक बड़ी रुकावट बना हुआ है।

शैले होटल्स लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक, श्वेतांक सिंह ने आगे कहा कि 2025-26 के केंद्रीय बजट में भले ही 50 चुनिंदा पर्यटन स्थलों पर होटलों को इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेटस दिया गया हो, लेकिन पूरे सेक्टर को इसकी सख्त जरूरत है। इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा मिलने से सस्ती फाइनेंसिंग, कम बिजली-पानी के शुल्क और संपत्ति कर में राहत जैसे फायदे मिलते हैं, जो आज सड़कों और बंदरगाहों को तो मिलते हैं, लेकिन भारी पूंजी निवेश वाले होटलों को नहीं।

इसके साथ ही, पर्यटन को समवर्ती सूची (Concurrent List) में लाना भी बेहद जरूरी है। केंद्र और राज्यों के बीच नीति तालमेल की कमी लंबे समय से इस सेक्टर की बड़ी चुनौती रही है। अगर पर्यटन को साझा विधायी दायरे में लाया जाता है, तो अलग-अलग राज्यों में नीतियों का बेहतर क्रियान्वयन हो सकेगा और यात्रियों को भी एक बेहतर और सहज अनुभव मिलेगा।

इन सुधारों के साथ हॉस्पिटैलिटी और पर्यटन सेक्टर का GDP में 1 ट्रिलियन डॉलर योगदान देने का सपना भी कहीं ज्यादा हकीकत के करीब पहुंच सकता है।