2016 से अटका गुरुग्राम का सड़क प्रोजेक्ट अब बढ़ेगा आगे, जानिए किन परेशानियों से मिलेगी राहत
न्यू गुरुग्राम में साल 2016 से अटका सड़क प्रोजेक्ट अब आगे बढ़ने जा रहा है। ₹29 करोड़ की लागत से नौरंगपुर और रामपुरा चौक के बीच संकरी सड़क को छह लेन में बदला जाएगा, जिससे जाम और पानी भरने की परेशानी कम होने की उम्मीद है।

In Short
- 2.4 किलोमीटर लंबी सड़क को छह लेन में बदला जाएगा।
- प्रोजेक्ट पर करीब ₹29 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
- सड़क के साथ सर्विस रोड फुटपाथ और नाले भी बनेंगे।
Gurugram Six Lane Road: न्यू गुरुग्राम में लंबे समय से संकरी सड़क और रोज लगने वाले जाम से परेशान लोगों को अब राहत मिल सकती है। साल 2016 से अटका सड़क प्रोजेक्ट अब आगे बढ़ने जा रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2.4 किलोमीटर लंबे रास्ते को छह लेन की सड़क में बदलने के लिए ₹29 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, काम देने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगस्त के पहले हफ्ते में निर्माण शुरू हो सकता है। यह सड़क नौरंगपुर से रामपुरा चौक के बीच है और सेक्टर 78, 79 और 80 से होकर गुजरती है।
अभी इस रास्ते पर क्यों लगता है जाम?
यह सड़क दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे से जुड़ी है। ताऊरू और नूंह की तरफ जाने वाले वाहन भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। इसके बावजूद सड़क ज्यादातर जगहों पर सिर्फ 5.5 मीटर चौड़ी है। कुछ हिस्सों में यह और भी संकरी हो जाती है।
आसपास के सेक्टरों में तेजी से नई सोसायटियां और मकान बने हैं। इससे सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ गई, लेकिन सड़क की चौड़ाई नहीं बढ़ी। इसी वजह से यहां रोज जाम लगता है, सफर में ज्यादा समय लगता है और धूल-मिट्टी की परेशानी भी बनी रहती है।
छह लेन बनने के बाद क्या बदलेगा?
नई योजना के तहत इस सड़क को 84 मीटर चौड़ी जगह में तैयार किया जाएगा। मुख्य सड़क 9.9 मीटर चौड़ी होगी। इसके साथ दोनों तरफ 5.5 मीटर चौड़ी सर्विस रोड भी बनाई जाएगी।
सड़क के बीच डिवाइडर बनाया जाएगा और पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ भी होगा। बारिश का पानी निकालने के लिए सड़क के किनारे नाले बनाए जाएंगे। इससे इलाके में लंबे समय से बनी पानी भरने की समस्या कम होने की उम्मीद है।
काम शुरू होने के बाद पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने में करीब दो साल लग सकते हैं।
इतने साल तक क्यों रुका रहा काम?
इस सड़क के लिए जमीन मालिकों को साल 2016 में ही पैसा दे दिया गया था, लेकिन फिर भी काम शुरू नहीं हो सका। रास्ते पर कब्जे और सरकारी प्रक्रिया से जुड़ी परेशानियों के कारण प्रोजेक्ट बार-बार अटकता रहा।
पिछले साल अधिकारियों ने रास्ते से कब्जे हटाए और सड़क की सही सीमा तय की। ये दोनों काम पूरे होने के बाद प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद हाई-पावर्ड परचेज वर्क्स कमेटी ने इसे आखिरी मंजूरी दे दी।
अब लोगों को किस बात का इंतजार है?
इलाके में रहने वाले लोगों का कहना है कि खराब और संकरी सड़क के कारण उन्हें हर दिन परेशानी होती है। भारी वाहनों और डंपरों की आवाजाही से जाम बढ़ता है और धूल भी उड़ती रहती है।
लोग सड़क के काम को मंजूरी मिलने से खुश हैं, लेकिन उनकी मांग है कि काम समय पर पूरा हो। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि निर्माण कब शुरू होता है और लोगों को चौड़ी सड़क का फायदा कितनी जल्दी मिलता है।

