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होर्मुज के बाद लाल सागर के ‘नए रास्ते’ पर भी मंडराया खतरा, भारत-चीन जा रहे तेल टैंकरों ने बदला रूट

होर्मुज के बाद अब सऊदी तेल के दूसरे समुद्री रास्ते पर भी खतरा बढ़ गया है। हूतियों की धमकी के बाद भारत और चीन के लिए निकले दो तेल टैंकरों को अपना रास्ता बदलना पड़ा। इस बदलाव से तेल की सप्लाई और कीमतों पर क्या असर पड़ेगा? पढ़ें पूरी खबर।

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In Short

  • हूतियों की धमकी के बाद भारत और चीन आ रहे दो सऊदी तेल टैंकरों को रास्ता बदलना पड़ा है।
  • बाब-अल-मंदेब से खतरा बढ़ने पर जहाजों को स्वेज नहर की ओर लौटना पड़ा है।
  • समुद्री रास्तों पर बढ़े तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 91 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग का असर अब दुनिया की तेल सप्लाई पर और गहराता दिख रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाद लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। यमन के ईरान-समर्थक हूतियों की धमकी के बाद सऊदी अरब से भारत और चीन के लिए कच्चा तेल लेकर निकले दो टैंकरों को बीच रास्ते से लौटना पड़ा।

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दोनों जहाज सऊदी अरब के यानबू बंदरगाह से तेल लेकर निकले थे। उन्हें बाब-अल-मंदेब के रास्ते हिंद महासागर की तरफ आना था, लेकिन सुरक्षा खतरे को देखते हुए टैंकरों ने अपना रास्ता बदल लिया। अब ये जहाज स्वेज नहर की तरफ बढ़ गए हैं और उन्हें लंबा चक्कर लगाकर मंजिल तक पहुंचना पड़ सकता है।

हूतियों ने जहाजों को दी हमले की धमकी

हूतियों का उत्तरी और पश्चिमी यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण है। इसमें लाल सागर के मुहाने के आसपास का तटीय इलाका भी शामिल है। हूतियों ने सोमवार को सऊदी अरब की समुद्री घेराबंदी का ऐलान किया था।

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इसके बाद शिपिंग कंपनियों को भेजे गए एक पत्र में उन जहाजों पर हमला करने की चेतावनी दी गई, जो सऊदी अरब का तेल लोड या अनलोड करते हैं। इसी धमकी के बाद तेल टैंकरों ने बाब-अल-मंदेब के रास्ते आगे बढ़ने के बजाय वापस लौटने का फैसला किया।

लाल सागर क्यों बना था अहम रास्ता?

खाड़ी क्षेत्र से तेल बाहर भेजने के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सबसे अहम रास्तों में शामिल है। जंग की वजह से इस रास्ते पर आवाजाही प्रभावित होने के बाद सऊदी अरब के यानबू बंदरगाह और लाल सागर के रास्ते की अहमियत बढ़ गई थी।

पाइपलाइन के जरिए रोजाना लाखों बैरल कच्चा तेल यानबू तक पहुंचाया जा रहा है। यहां से जहाजों के जरिए इसे दूसरे देशों में भेजा जाता है। अब लाल सागर के रास्ते पर भी खतरा बढ़ने से भारत और चीन तक तेल पहुंचने में ज्यादा समय और पैसा लग सकता है।

तेल की कीमतों पर बढ़ा दबाव

इस घटनाक्रम के बीच मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में 2% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर रहा, जबकि अमेरिका में गैसोलीन की कीमत फिर 4 डॉलर प्रति गैलन से ज्यादा हो गई।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हूतियों ने अभी बाब-अल-मंदेब को बंद नहीं किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर रास्ता रोकने की कोशिश हुई तो अमेरिका कार्रवाई करेगा।

ईरान और अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी

ट्रंप ने यह भी बताया कि अब तक 18 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं। इनमें जॉर्डन और इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए ईरानी हमलों में मारे गए चार सैनिक भी शामिल हैं।

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दूसरी ओर अमेरिकी सेना ने लगातार 11वीं रात ईरान पर बमबारी की। तेहरान के अलावा चाबहार, कोनारक और बुशहर में भी धमाकों की खबर सामने आई। ईरान ने इससे पहले बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था।