पीएम आवास योजना पर ₹1.34 लाख करोड़ खर्च, घर के साथ मिलने वाले फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान!
गांव में पक्का घर बनाने वाले पात्र परिवारों के लिए सरकार ने बड़ा अपडेट दिया है। पिछले पांच साल में पीएम आवास योजना-ग्रामीण के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ₹1.34 लाख करोड़ से ज्यादा जारी किए गए हैं। योजना में घर के साथ शौचालय और मजदूरी जैसी अतिरिक्त मदद भी मिलती है।

In Short
- पांच साल में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ₹1.34 लाख करोड़ से ज्यादा जारी।
- मध्य प्रदेश को ₹19,013.72 करोड़ और महाराष्ट्र को ₹14,898.43 करोड़ मिले।
- पात्र लाभार्थियों को शौचालय के लिए ₹12,000 और मनरेगा के तहत मजदूरी का लाभ।
PMAY-G: गांव में रहने वाले ऐसे परिवारों के लिए, जिनके पास अब भी पक्का घर नहीं है, उनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण बड़ी मदद साबित हो रही है। केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत पिछले पांच साल में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बड़ी रकम जारी की है। सरकार के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच कुल ₹1,34,242.45 करोड़ की केंद्रीय हिस्सेदारी दी गई है।
इस रकम का इस्तेमाल पात्र ग्रामीण परिवारों के लिए पक्के घर बनाने में किया जा रहा है। योजना की खास बात यह है कि लाभ केवल घर बनाने तक सीमित नहीं रहता। इसके साथ शौचालय, मजदूरी, पानी, बिजली और गैस कनेक्शन जैसी सुविधाओं से भी परिवारों को जोड़ने की कोशिश की जाती है।
पांच साल में राज्यों को मिले ₹1.34 लाख करोड़
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पीएम आवास योजना-ग्रामीण के तहत ₹1.34 लाख करोड़ से ज्यादा की रकम जारी की गई है।
इसमें मध्य प्रदेश को ₹19,013.72 करोड़ और महाराष्ट्र को ₹14,898.43 करोड़ मिले हैं। सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए शुरुआती आर्थिक आवंटन को मंजूरी दी है।
इस फंड का मकसद ऐसे ग्रामीण परिवारों तक पक्का और सुरक्षित घर पहुंचाना है, जिनके पास अपना घर नहीं है या जो कच्चे और कमजोर मकानों में रह रहे हैं।
सिर्फ घर नहीं, शौचालय के लिए भी मिलती है मदद
पीएम आवास योजना-ग्रामीण को दूसरी सरकारी योजनाओं के साथ भी जोड़ा गया है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के जरिए शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 की अतिरिक्त मदद मिलती है।
इसका उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को साफ-सफाई और बेहतर रहने की सुविधा देना भी है।
घर बनाते समय मजदूरी का भी फायदा
योजना के लाभार्थियों को मकान निर्माण के दौरान मनरेगा के तहत मजदूरी का लाभ भी मिल सकता है। यानी परिवार को घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता मिलने के साथ काम के बदले मजदूरी भी दी जाती है।
इससे घर बनाने का खर्च कुछ हद तक कम होता है और ग्रामीण परिवारों को रोजगार से जुड़ी मदद भी मिलती है।
पानी, बिजली और गैस से भी जुड़ते हैं लाभार्थी
सरकार पीएम आवास योजना-ग्रामीण के लाभार्थियों को दूसरी योजनाओं से जोड़कर बुनियादी सुविधाएं देने पर भी जोर दे रही है। पात्र परिवारों को नल से पानी, बिजली कनेक्शन और उज्ज्वला योजना के जरिए एलपीजी कनेक्शन जैसी सुविधाओं का लाभ मिल सकता है।
सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण परिवारों को केवल छत ही नहीं, बल्कि बेहतर और सम्मानजनक जीवन के लिए जरूरी सुविधाएं भी मिलें।

