scorecardresearch

Old Passenger: किराये में छूट न देकर रेलवे ने की 2,242 करोड़ की कमाई

भारतीय रेलवे ने कोरोना महामारी के दौरान हो रहे नुकसान के चलते सीनियर सिटीजंस को मिलने वाली छूट बंद कर दी थी।लेकिन इससे अब रेलवे को भारी फायदा हुआ है। रेलवे ने फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में 2,242 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई की है।

Advertisement
Covid के बाद बुजुर्ग यात्रियों को दी जाने वाली छूट संस्पेंड कर दी गई थी
Covid के बाद बुजुर्ग यात्रियों को दी जाने वाली छूट संस्पेंड कर दी गई थी

Indian Railway ने Covid महामारी के दौरान हो रहे नुकसान के चलते सीनियर सिटीजंस को मिलने वाली छूट बंद कर दी थी। लेकिन इससे अब रेलवे को भारी फायदा हुआ है। रेलवे ने Financial Year 2022-23 में 2,242 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई की है। इस बात की जानकारी सूचना का अधिकार (RTI) कानून के तहत एक आवेदन पर सामने आई।

advertisement
Senior Citizen के किराए से रेलवे को होने वाली कमाई में लगातार बढ़ोतरी हुई है
Senior citizen के किराए से रेलवे को होने वाली कमाई में लगातार बढ़ोतरी हुई है

कोविड महामारी की शुरुआत के बाद बुजुर्ग यात्रियों को दी जाने वाली छूट संस्पेंड कर दी गई थी। कोरोना से पहले 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को रेल टिकट में 50 फीसदी तक की छूट मिलती थी। रेलवे ने 20 मार्च, 2020 से 31 मार्च, 2022 के बीच 1,500 करोड़ रुपये अधिक कमाए थे। हालांकि स्थिति सामान्य होने के बाद लंबे समय से इसे बहाल करने की मांग की जा रही है लेकिन रेलवे ने अब तक इसे बहाल नहीं किया है।

मध्य प्रदेश के चंद्रशेखर गौर के आरटीआई कानून के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में रेलवे ने कहा कि एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 के बीच उसने लगभग आठ करोड़ सीनियर सिटीजंस को छूट नहीं दी। इनमें 4.6 करोड़ पुरुष, 3.3 करोड़ महिलाएं और 18,000 ट्रांसजेंडर शामिल हैं। RTI के जवाब के मुताबिक इस अवधि के दौरान सीनियर सिटीजंस से कुल राजस्व 5,062 करोड़ रुपये रहा, इसमें रियायत न देने के कारण अर्जित अतिरिक्त 2,242 करोड़ रुपये शामिल हैं।

Also Read: LIC Front-Running Case: सेबी ने तीन लोगों पर लगाया बैन

Women Passengers से 2,169 करोड़ रुपये कमाए।
Women Passengers से 2,169 करोड़ रुपये कमाए

छूट न देकर लगातार बढ़ रहा रेलवे का राजस्व

सीनियर सिटीजंस के किराए से रेलवे को होने वाली कमाई में लगातार बढ़ोतरी हुई है। 20 मार्च 2020 से 31 मार्च 2022 के बीच रेलवे ने 7.31 करोड़ वरिष्ठ यात्रियों को रियायत नहीं दी। इनमें 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के 4.46 करोड़ पुरुष यात्री, 58 से अधिक उम्र की 2.84 करोड़ महिला यात्री और 8,310 ट्रांसजेंडर शामिल थे। सीनियर सिटीजन यात्रियों से मिला कुल राजस्व 2020-22 के दौरान 3,464 करोड़ रुपये था, जो उन्हें रियायत की पेशकश पर होने वाली आय के मुकाबले 1,500 करोड़ रुपये अधिक है. वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान, रेलवे ने पुरुष वरिष्ठ नागरिक यात्रियों से 2,891 करोड़ रुपये, महिला यात्रियों से 2,169 करोड़ रुपये और ट्रांसजेंडरों से 1.03 करोड़ रुपये कमाए।