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इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की सोच रहे हैं? सोसाइटी के बेसमेंट पार्किंग में ईवी चार्जर लगवाना हो सकता है सरदर्द

भारत में EV खरीदना आसान हो रहा है, लेकिन चार्जिंग बड़ी समस्या बनी हुई है, खासकर हाउसिंग सोसायटियों में। RWA की मंजूरी और NOC प्रक्रिया बड़ी बाधा है। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है, वहीं हरियाणा सरकार ‘EV-रेडी’ बिल्डिंग नियम लाकर इस समस्या का समाधान करने की दिशा में काम कर रही है।

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AI Generated Image

भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) खरीदना अब उतना मुश्किल नहीं रहा, जितना उसे चार्ज करना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। खासकर बड़े मेट्रो शहरों की हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले लोगों के लिए यह एक बड़ी मुसीबत बन गई है।

ईवी खरीदारों के सामने सबसे बड़ी दीवार रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) बनकर खड़ी है, जिससे बेसमेंट पार्किंग में चार्जर लगाने की मंजूरी लेना लगभग नामुमकिन सा हो गया है।

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सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा अपार्टमेंट में चार्जिंग का मामला

बिजनेस टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक ग्रेटर नोएडा के रहने वाले रचित कात्याल अपनी पार्किंग में चार्जर लगाने की अनुमति न मिलने पर हार मानने के बजाय सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कात्याल की याचिका के अनुसार, उनकी सोसाइटी में 56 इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए केवल 7 किलोवाट और 3 किलोवाट के दो छोटे कॉमन चार्जर हैं, जो बिल्कुल नाकाफी हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और संबंधित हाउसिंग सोसाइटी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह स्थिति केवल एक शहर की नहीं है, बल्कि देश भर में ईवी खरीदारों को बिजली कंपनियों और फायर विभाग से एनओसी लेने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।

हरियाणा सरकार की नई पहल: 'ईवी-रेडी' होंगी इमारतें

ईवी खरीदारों की इन परेशानियों को देखते हुए हरियाणा सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। सरकार ने 'हरियाणा बिल्डिंग कोड 2017' में बड़े बदलावों का प्रस्ताव रखा है, जिससे अब रिहायशी और कमर्शियल इमारतों में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना अनिवार्य हो जाएगा। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग निदेशालय ने इस पर जनता से सुझाव मांगे हैं। नए नियमों के तहत अब हर नई और रेनोवेट होने वाली इमारत को 'ईवी-रेडी' बनाना होगा, यानी बिजली की वायरिंग और पाइपलाइन पहले से ही तैयार रखनी होगी।

पार्किंग स्लॉट के हिसाब से तय होंगे चार्जर

प्रस्तावित नियमों के अनुसार, मॉल, होटल और ऑफिस जैसे कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में हर तीन पार्किंग स्लॉट पर कम से कम एक ईवी चार्जिंग पॉइंट देना होगा। वहीं, ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के लिए हर पांच पार्किंग स्पेस पर एक चार्जिंग पॉइंट अनिवार्य किया गया है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फायर सेफ्टी के नियमों का पालन करते हुए अब बेसमेंट और स्टिल्ट पार्किंग में भी चार्जर लगाए जा सकेंगे।