
अब शहरों में हवा साफ करेंगे Liquid Tree, प्रदूषण कम करने के लिए भारत की नई तकनीक तैयार
भारत में प्रदूषण से लड़ने के लिए Smart Algal Liquid Tree यानी SALT नाम की नई तकनीक सामने आई है। यह माइक्रोएल्गी की मदद से हवा साफ करता है और ऑक्सीजन छोड़ता है। खास बात यह है कि इसे मिट्टी या बड़ी जगह की जरूरत नहीं होती और यह मोबाइल-लैपटॉप चार्जिंग की सुविधा भी दे सकता है।

In Short
- SALT माइक्रोएल्गी की मदद से कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है और ऑक्सीजन छोड़ता है।
- यह उन शहरों में काम आ सकता है, जहां पेड़ लगाने के लिए जगह कम है और प्रदूषण ज्यादा है।
- यह सोलर एनर्जी और बिजली दोनों से चल सकता है, साथ ही हवा की क्वालिटी की जानकारी भी दिखाता है।
SALT technology: भारत में प्रदूषण कम करने के लिए एक नई तकनीक सामने आई है। इसका नाम Smart Algal Liquid Tree यानी SALT है। इसे भारत का पहला मोबाइल लिक्विड ट्री कहा जा रहा है। यह पेड़ की तरह हवा साफ करने में मदद करता है, लेकिन इसके लिए मिट्टी या बड़ी जगह की जरूरत नहीं पड़ती।
क्या है Smart Algal Liquid Tree ?
Smart Algal Liquid Tree एक ऐसा सिस्टम है, जो माइक्रोएल्गी की मदद से हवा साफ करता है। माइक्रोएल्गी बहुत छोटे पौधों जैसे होते हैं। ये हवा से कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं। इसी वजह से SALT को शहरों के लिए अच्छी तकनीक माना जा रहा है। खासकर उन जगहों के लिए, जहां प्रदूषण ज्यादा है और पेड़ लगाने की जगह कम है।
जहां पेड़ नहीं लग सकते, वहां काम आएगा SALT
बड़े शहरों में जगह की बहुत कमी होती है। कई जगह सड़कें छोटी होती हैं और पेड़ लगाने की जगह नहीं मिलती। ऐसे में SALT काम आ सकता है। यह सिस्टम धूल और कार्बन को फिल्टर करने में मदद करता है। इसे एक जगह से दूसरी जगह भी ले जाया जा सकता है। यानी जरूरत के हिसाब से इसे अलग-अलग इलाकों में लगाया जा सकता है।

सोलर और बिजली दोनों से चलेगा
SALT की खास बात यह है कि यह सोलर एनर्जी और बिजली दोनों से चल सकता है। इसलिए यह दिन और रात दोनों समय काम कर सकता है। इसे लोगों की सुविधा को ध्यान में रखकर भी बनाया गया है। इसमें बैठने के लिए छांव वाली जगह हो सकती है। साथ ही मोबाइल और लैपटॉप चार्ज करने की सुविधा भी दी जा सकती है।
हवा की जानकारी भी देगा
SALT में सेंसर लगाए गए हैं। ये सेंसर हवा की क्वालिटी, CO2 लेवल, तापमान, नमी और हवा में मौजूद गंदगी के छोटे-छोटे कणों की जानकारी दिखाते हैं। इससे लोगों को पता चल सकता है कि उनके आसपास की हवा कैसी है। साथ ही यह भी पता चलेगा कि SALT हवा साफ करने में कितना असर दिखा रहा है।

कहां-कहां हो सकता है इस्तेमाल ?
SALT का इस्तेमाल शहर की सड़कों के अलावा कई और जगहों पर भी किया जा सकता है। इसे इंडस्ट्रियल एरिया, एयरपोर्ट, स्कूल, शॉपिंग मॉल और पार्क में लगाया जा सकता है। जहां लोगों की भीड़ ज्यादा होती है और हवा ज्यादा खराब रहती है, वहां ये सिस्टम काफी काम का साबित हो सकता है।

कम झंझट, ज्यादा फायदा
आम पेड़ों की तरह SALT को मिट्टी की जरूरत नहीं होती। यह एक बंद सिस्टम में काम करता है। इसलिए इस पर शहर के प्रदूषण का असर कम होता है। इसकी देखभाल भी ज्यादा नहीं करनी पड़ती। इसी वजह से इसे घनी आबादी वाले इलाकों के लिए अच्छा ऑप्शन माना जा रहा है।
बड़े पैमाने पर बनाने की तैयारी
CIMFR अब इस तकनीक को सस्ते में ज्यादा मात्रा में बनाने की सोच रहा है। कोशिश ये है कि ये सिस्टम घरों और मोहल्लों तक भी पहुंच सके। अगर ये तकनीक सही से काम करती है, तो प्रदूषण से परेशान शहरों के लिए SALT एक अच्छा और काम का हल बन सकता

