अगले 48 घंटों में खत्म हो सकती है यूएस-ईरान की जंग! समझौते के करीब दोनों देश - डिटेल
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब बड़े मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर दोनों देशों के बीच ऐसी बातचीत चल रही है, जिसने पूरी दुनिया की नजरें अपनी ओर खींच ली हैं।

US-Iran news: व्हाइट हाउस को उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान युद्ध खत्म करने और परमाणु वार्ता की रूपरेखा तय करने वाले एक शुरुआती समझौते के बेहद करीब पहुंच गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच एक पन्ने के MoU पर बातचीत चल रही है और अमेरिका को अगले 48 घंटों में ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार है। हालांकि अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है, लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद दोनों पक्ष पहली बार इतने करीब आए हैं।
समझौते में क्या हो सकता है?
Axios की रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान यूरेनियम एनरिच्मेंट पर अस्थायी रोक लगाने के लिए तैयार हो सकता है। बदले में अमेरिका प्रतिबंधों में राहत देगा और ईरान के अरबों डॉलर के फ्रोजन फंड जारी करेगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देश Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर लगी पाबंदियां हटाने पर भी सहमत हो सकते हैं। यह समुद्री मार्ग ग्लोबल तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है।
सूत्रों के मुताबिक ईरान अपने हाइली एनरीच यूरेनियम को हटाने पर भी विचार कर रहा है। यह अमेरिका की लंबे समय से प्रमुख मांग रही है, जिसे पहले तेहरान खारिज करता रहा था।
रिपोर्ट के अनुसार एक ऑप्शन यह भी है कि इस मैटेरियल को अमेरिका ट्रांसफर किया जाए। यूरेनियम एनरिच्मेंट पर रोक की अवधि पर अभी सहमति नहीं बनी है। ईरान पांच साल चाहता है, जबकि अमेरिका 20 साल की मांग कर रहा है। बातचीत में 12 से 15 साल का ऑप्शन भी सामने आया है।
ट्रंप प्रशासन ने रोका नया सैन्य अभियान
दो अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नया सैन्य अभियान रोकने और मौजूदा सीजफायर बनाए रखने का फैसला वार्ता में हुई प्रगति को देखते हुए लिया। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ईरानी अधिकारियों के साथ सीधे और मध्यस्थों के जरिए बातचीत कर रहे हैं।
30 दिन की बातचीत का प्रस्ताव
प्रस्तावित MoU युद्ध खत्म करने की घोषणा करेगा और विस्तृत समझौते के लिए 30 दिन की बातचीत शुरू होगी। इसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलना, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सीमाएं तय करना और अमेरिकी प्रतिबंध हटाना शामिल होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक यह वार्ता इस्लामाबाद या जिनेवा में हो सकती है। अगर बातचीत विफल रही तो अमेरिका फिर से नौसैनिक नाकाबंदी या सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है।

