शॉर्ट टर्म निवेश के लिए किस तरह की म्यूचुअल फंड स्कीम है बेहतर? पैसा लगाने से पहले जान लें जरूरी बातें
बाजार में कई तरह की स्कीमें उपलब्ध हैं, जिन्हें निवेशक अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार चुन सकते हैं। चलिए जानते हैं उन म्चूचुअल फंड स्कीम के बारे में जिन्हें आप शॉर्ट टर्म निवेश के लिए चुन सकते हैं।

Mutual Funds: अगर आप म्यूचुअल फंड में शॉर्ट टर्म (1 से 3 साल) के लिए निवेश करने का देख रहे हैं तो आपके लिए यह खबर काम की है। शॉर्ट टर्म निवेश का मुख्य उद्देश्य पूंजी की सुरक्षा और तरलता (Liquidity) सुनिश्चित करना होता है। बाजार में कई तरह की स्कीमें उपलब्ध हैं, जिन्हें निवेशक अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार चुन सकते हैं। चलिए जानते हैं उन म्चूचुअल फंड स्कीम के बारे में जिन्हें आप शॉर्ट टर्म निवेश के लिए चुन सकते हैं।
Debt Oriented Schemes
शॉर्ट टर्म निवेश के लिए डेट ओरिएंटेड स्कीम्स को सबसे सही माना जाता है। ये फंड मुख्य रूप से सरकारी बॉन्ड, कॉर्पोरेट एफडी और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं। लिक्विड फंड, अल्ट्रा-शॉर्ट ड्यूरेशन फंड और लो ड्यूरेशन फंड इसी कैटेगरी का हिस्सा हैं।
इन स्कीमों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये बाजार के उतार-चढ़ाव से बहुत कम प्रभावित होती हैं और निवेशक को एक स्थिर इनकम देने का प्रयास करती हैं। यदि कोई व्यक्ति कुछ महीनों से लेकर दो साल तक के लिए अपना पैसा पार्क करना चाहता है, तो डेट फंड उसे बैंक एफडी की तुलना में अधिक लचीलापन और बेहतर कर-पश्चात रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं।
Equity Oriented Schemes
आमतौर पर इक्विटी ओरिएंटेड स्कीम्स को लंबी अवधि के निवेश के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन शॉर्ट टर्म के लिए इनके स्पेशल प्रकार जैसे 'आर्बिट्राज फंड' काफी पॉपुलर हैं। ये फंड शेयर बाजार की अस्थिरता का लाभ उठाते हैं और कैश एवं डेरिवेटिव मार्केट के बीच वैल्यू के अंतर से मुनाफा कमाते हैं।
चूंकि इन फंडों का जोखिम स्तर कम होता है और ये इक्विटी के रूप में टैक्स किए जाते हैं, इसलिए वे निवेशक जो 1 साल के करीब की अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक सुरक्षित विकल्प साबित होते हैं। यह स्कीम उन लोगों के लिए बेहतर है जो बाजार की गिरावट से बचना चाहते हैं और साथ ही बचत खाते से थोड़ा बेहतर रिटर्न की उम्मीद रखते हैं।
Growth Oriented Schemes
ग्रोथ ओरिएंटेड स्कीम्स का पहला टारगेट समय के साथ निवेशक की पूंजी में बड़ी वृद्धि करना होता है। हालांकि ये स्कीमें अधिक आक्रामक होती हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म के संदर्भ में 'हाइब्रिड ग्रोथ फंड' का चयन किया जा सकता है।
ये फंड अपने पोर्टफोलियो का एक हिस्सा इक्विटी में और दूसरा हिस्सा डेट में रखते हैं। इससे निवेशक को शेयर बाजार की तेजी का फायदा भी मिलता है और डेट वाला हिस्सा जोखिम को संतुलित रखता है। जो निवेशक थोड़ा बहुत जोखिम उठाने की क्षमता रखते हैं और 2 से 3 साल की अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए ये स्कीमें बेहतर साबित होती हैं क्योंकि ये शुद्ध डेट फंडों की तुलना में अधिक रिटर्न देने की क्षमता रखती हैं।

