ईरान डील पर डोनाल्ड ट्रंप का अल्टीमेटम, बोले- 'बात नहीं बनी तो फिर होगी बमबारी'
G7 समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी दी है। मिस्र के राष्ट्रपति अल-सिसी के साथ बैठक में ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान के साथ डील अभी फाइनल नहीं हुई है। अगर उन्हें यह समझौता पसंद नहीं आया, तो अमेरिका फिर से ईरान पर बमबारी शुरू कर सकता है।

In Short
- ट्रंप ने कहा कि अगर आखिरी समझौता पसंद नहीं आया, तो अमेरिका फिर से ईरान पर हमला कर सकता है।
- ट्रंप ने चेतावनी दी कि डील न होने से भारी मंदी आ सकती है।
- : ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका इस डील के तहत ईरान में कोई बड़ा पैसा नहीं लगा रहा है।
G7 समिट से एक बहुत बड़ी खबर आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। ईरान के साथ चल रही शांति बातचीत के बीच ट्रंप ने साफ-साफ कह दिया है कि अभी कोई भी डील फाइनल नहीं हुई है। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी के साथ एक मीटिंग के दौरान ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर उन्हें यह समझौता पसंद नहीं आया, तो अमेरिका एक बार फिर ईरान पर हमला और बमबारी करने से पीछे नहीं हटेगा।
मिस्र के राष्ट्रपति के साथ बैठक में दिया बड़ा बयान
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह बात मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी के साथ हुई एक द्विपक्षीय (बायलैटरल) बैठक के दौरान कही। दोनों नेताओं की इस मुलाकात में ईरान का मुद्दा सबसे ऊपर रहा। ट्रंप ने बैठक में बताया कि बातचीत के बाद एक मजबूत ड्राफ्ट (MOU) जरूर तैयार हुआ है, लेकिन अभी यह पूरी तरह से अंतिम रूप में नहीं आया है। यानी इसे अभी फाइनल नहीं माना जा सकता।
समझौता पसंद नहीं आया तो युद्ध का विकल्प खुला
ट्रंप ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आखिरी डील उन्हें पसंद नहीं आती है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई और बमबारी फिर से शुरु कर सकता है। उन्होंने दुनिया को यह संदेश दिया कि युद्ध का रास्ता अभी पूरी तरह से बंद नहीं हुआ है और अगर जरूरत पड़ी, तो इस रास्ते को दोबारा अपनाया जा सकता है। ट्रंप के इस रुख से साफ है कि वे ईरान पर किसी भी तरह का ढीला रुख अपनाने के मूड में नहीं हैं।
आर्थिक अस्थिरता और मंदी की चेतावनी
ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर यह समझौता नहीं हुआ, तो इसकी जगह पूरी दुनिया में आर्थिक अस्थिरता और मंदी आ सकती है। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग वैश्विक मंदी देखना चाहते हैं, जिसे उन्होंने पूरी तरह गलत सोच बताया। ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे लोग अर्थव्यवस्था और ग्लोबल स्टेबिलिटी (स्थिरता) की अहमियत को बिल्कुल नहीं समझते हैं। इस बातचीत के दौरान उन्होंने एक समुद्री रास्ते (स्ट्रेट) का भी जिक्र किया, लेकिन उन्होंने यह साफ नहीं किया कि वह किस रास्ते की बात कर रहे थे।
300 बिलियन डॉलर निवेश की खबरें पूरी तरह झूठी
ईरान डील को लेकर बाजार में चल रही 300 बिलियन डॉलर के निवेश की खबरों पर भी ट्रंप ने पूरी तरह से विराम लगा दिया। उन्होंने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका इस समझौते के तहत ईरान में किसी भी तरह का बड़ा निवेश नहीं कर रहा है और ऐसी तमाम खबरें पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं।

