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Hormuz पर अमेरिका का पूरा कंट्रोल? Trump बोले- IRGC बिखर चुका, Iran अब कुछ नहीं कर सकता

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने इस अहम समुद्री रास्ते पर अमेरिका के पूरे कंट्रोल का दावा किया है, जबकि ईरान ने इसे खोलने के लिए छह शर्तें रखी हैं। पाकिस्तान भी बातचीत बहाल कराने की कोशिश में जुटा है।

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In Short

  • ट्रंप ने दावा किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिका का टोटल कंट्रोल है।
  • ईरान ने होर्मुज खोलने के लिए अमेरिका के सामने छह शर्तें रखी हैं।
  • पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच पीस टॉक्स दोबारा शुरू कराने की कोशिश कर रहा है।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इस अहम समुद्री रास्ते पर अब अमेरिका का “टोटल कंट्रोल” है और वॉशिंगटन इसे अपने कंट्रोल में बनाए रख सकता है। दूसरी तरफ ईरान ने स्ट्रेट खोलने के लिए अपनी शर्तें रखी हैं, जबकि पाकिस्तान भी बातचीत दोबारा शुरू कराने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में अब नजर ट्रंप के दावे, ईरान की शर्तों और चल रही डिप्लोमैटिक कोशिशों पर है।

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ट्रंप बोले- होर्मुज पर अमेरिका का टोटल कंट्रोल

डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ट्रुथ सोशल पर कहा कि अमेरिका का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर “टोटल कंट्रोल” है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नेवल ब्लॉकेड को “वॉल ऑफ स्टील” कहा जा रहा है और ईरान इसके खिलाफ कुछ नहीं कर सकता। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका इस अहम समुद्री रास्ते पर अपना कंट्रोल बनाए रख सकता है।

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आईआरजीसी को लेकर ट्रंप का बड़ा दावा

ट्रंप ने ईरान की मिलिट्री स्थिति को लेकर भी कई दावे किए। उन्होंने कहा कि ईरान के पास अब नेवी और एयर फोर्स नहीं है, बाकी बचे सैनिकों को पैसा नहीं मिल रहा और आईआरजीसी बुरी तरह कमजोर होकर भाग रहा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की लीडरशिप की स्थिति भी साफ नहीं है और देश के पास पैसे की भारी कमी है।

उन्होंने ईरान में “300% इन्फ्लेशन” का दावा करते हुए कहा कि देश की हालत लगातार खराब हो रही है। इसी बीच इंटरमीडियरीज के जरिए होर्मुज को दोबारा खोलने के लिए डिप्लोमैटिक कोशिशें जारी हैं।

ईरान ने रखीं छह शर्तें

ईरान ने अपना रुख सख्त करते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए अमेरिका के सामने छह कंडीशंस रखी हैं। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजाई ने मंगलवार को कहा कि जब तक अमेरिका अपना व्यवहार नहीं बदलता और तेहरान की शर्तें नहीं मानता, होर्मुज बंद रहेगा।

रेजाई के मुताबिक अमेरिका को वॉर खत्म करना होगा और विदेशों में फ्रीज किए गए ईरानी फंड्स को रिलीज करना होगा। उन्होंने कहा कि बाकी कंडीशंस मीडिएटर्स के जरिए वॉशिंगटन तक पहुंचा दी गई हैं।

पाकिस्तान बातचीत दोबारा शुरू कराने की कोशिश में

पाकिस्तान भी अमेरिका-ईरान पीस टॉक्स को फिर से शुरू कराने में लगा है। इंटीरियर मिनिस्टर मोहसिन नकवी ने बुधवार को तेहरान में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और फॉरेन मिनिस्टर अब्बास अराघची से मुलाकात की।

पाकिस्तान ने पहले एक इंटरिम एग्रीमेंट में गारंटर की भूमिका निभाई थी, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्राइक्स दोबारा शुरू होने के बाद डील टूट गई। डॉन के मुताबिक नकवी की कोशिश जून एमओयू पर आगे बढ़ने की है, जिसके तहत हाई-लेवल टॉक्स के लिए 60 दिन का समय तय किया गया था। हालांकि अब तक कोई ब्रेकथ्रू नहीं मिला है।

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ओमान के साथ अलग एग्रीमेंट के करीब ईरान

ईरान का कहना है कि वह ओमान के साथ स्ट्रेट को मैनेज करने के लिए अलग एग्रीमेंट के करीब है। होर्मुज ईरान और ओमान के बीच स्थित है और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई के लिए बेहद अहम समुद्री रास्ता माना जाता है।

बाब अल-मंदेब में हमले में छह लोगों की मौत

तनाव का असर दूसरे शिपिंग रूट्स पर भी दिख रहा है। यमन के अधिकारियों के मुताबिक ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब स्ट्रेट में एक कमर्शियल वेसल पर हमला किया, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई। इनमें चार क्रू मेंबर्स और सरकार समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज के दो सदस्य शामिल थे।

यमन के ट्रांसपोर्टेशन मिनिस्ट्री के मुताबिक हूतियों ने जहाज पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। मौजूदा लड़ाई के दौरान यमन के पास शिपिंग पर हूती हमलों में ये पहली ज्ञात मौतें बताई गई हैं। वहीं अमेरिकी फोर्सेज ने एक ऐसे जहाज पर भी फायरिंग की, जिसके बारे में अमेरिका का कहना था कि वह ईरानी पोर्ट्स पर लगाए गए अमेरिकी ब्लॉकेड को तोड़ने की कोशिश कर रहा था।

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