अयोध्या राम मंदिर दान विवाद पर SIT की एंट्री! पहली बार ट्रस्ट का आधिकारिक बयान आया सामने
इस मामले में पहली बार श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। ट्रस्ट ने साफ किया है कि जांच की मांग स्वयं उसकी ओर से की गई थी ताकि सभी तथ्यों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जा सके।

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दान राशि को लेकर उठे सवालों और कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच अब उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) गठित कर दी है जो जल्द ही अपनी जांच शुरू करेगी।
इस मामले में पहली बार श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। ट्रस्ट ने साफ किया है कि जांच की मांग स्वयं उसकी ओर से की गई थी ताकि सभी तथ्यों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जा सके।
जल्द अयोध्या पहुंचेगी SIT
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल जी राव ने बताया कि SIT की टीम जल्द ही अयोध्या पहुंचकर जांच प्रक्रिया शुरू कर सकती है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से ट्रस्ट और स्टेट बैंक के स्तर पर ऑडिट की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन इस दौरान कई स्तरों पर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
गोपाल जी राव के मुताबिक, जनमानस में उठ रही शंकाओं को दूर करने और तथ्यों को स्पष्ट करने के उद्देश्य से ट्रस्ट ने प्रदेश सरकार से स्वतंत्र विशेष जांच टीम गठित करने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के महासचिव द्वारा भेजे गए अनुरोध को सरकार ने स्वीकार करते हुए मात्र 15 घंटे के भीतर तीन सदस्यीय SIT का गठन कर दिया।
जांच में पूरा सहयोग देगा ट्रस्ट
ट्रस्ट ने प्रदेश सरकार की त्वरित कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया है। गोपाल जी राव ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट जांच एजेंसियों को हर संभव सहयोग देगा और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद सभी तथ्य स्पष्ट रूप से सामने आएंगे और श्रद्धालुओं के मन में उठ रहे सवालों का समाधान होगा। ट्रस्ट का मानना है कि स्वतंत्र जांच से स्थिति साफ होगी और दान राशि को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी स्पष्टता आएगी।

