AAP अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई...अब निजी फायदे की राजनीति कर रही...जानिए क्या-क्या बोले राघव चड्ढा
राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर BJP में शामिल होने का ऐलान किया। उन्होंने पार्टी पर मूल सिद्धांतों से भटकने का आरोप लगाया। उनके साथ अन्य सांसदों के भी जाने की खबर है, जिससे राज्यसभा में AAP की ताकत घट गई और पार्टी के भीतर संकट गहरा गया।

आम आदमी पार्टी को आज बड़ा झटका लगा है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने शुक्रवार को पार्टी छोड़ने और भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का ऐलान कर दिया। यह फैसला उनके डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के कुछ ही दिनों बाद आया है।
राघव चड्ढा के साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भी AAP छोड़ने की घोषणा की। चड्ढा ने दावा किया कि स्वाति मालीवाल और हरभजन सिंह समेत कुछ अन्य सांसद भी BJP में शामिल होने का मन बना चुके हैं। राघव चड्ढा ने कहा कि हमने तय किया है कि हम दो-तिहाई सदस्य संविधान के तहत BJP में विलय करेंगे।
इस घटनाक्रम के बाद राज्यसभा में AAP की ताकत घटकर सिर्फ तीन सांसद- संजय सिंह, एनडी गुप्ता और बलबीर सिंह सिचेवाल तक सिमट गई है।
पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई -चड्ढा
चड्ढा ने अपने फैसले की वजह बताते हुए कहा कि जिस पार्टी को उन्होंने खून-पसीने से सींचा वह अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है। उन्होंने कहा कि अब यह पार्टी राष्ट्रहित में नहीं, बल्कि निजी फायदे के लिए काम कर रही है। पिछले कुछ सालों से मुझे लग रहा था कि मैं गलत पार्टी में हूं।
मोदी नेतृत्व की तारीफ
चड्ढा ने मोदी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि मौजूदा नेतृत्व ने आतंकवाद से निपटने और भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत करने जैसे बड़े फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने इस नेतृत्व को तीन बार समर्थन दिया है और वे इसके साथ काम करने को उत्सुक हैं।
सूत्रों के मुताबिक, चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल जल्द ही BJP अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात कर औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल होंगे।
AAP में गहराता संकट
यह घटनाक्रम अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली पार्टी के अंदर बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है। चड्ढा को अहम संसदीय पद से हटाने के बाद से ही असंतोष की खबरें थीं। राज्यसभा में सात सांसदों के एक साथ अलग होने से AAP के लिए यह हाल के वर्षों का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।

