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शेयर बाजार को अचानक से क्या हो गया? गुरुवार के बाद आज फिर बिखर गया सेंसेक्स और निफ्टी - जानिए ये 4 कारण

सभी निवेशकों के मन में यह सवाल आ रहा है कि गुरुवार से पहले बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है लेकिन फिर अब एकदम से पीछले दो दिन में ऐसा क्या हुआ की शेयर बाजार में ये बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। चलिए इसका कारण जानते हैं।

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AI Generated Image

गुरुवार के बाद अब शुक्रवार को भी शेयर बाजार 1% से ज्यादा टूटकर कारोबार कर रहा है। दोपहर 12:23 बजे तक सेंसेक्स 1.21% या  
937.01 पॉइंट गिरकर 76,726.99 अंक पर कारोबार कर रहा था और निफ्टी 1.09% अंक या 264 पॉइंट गिरकर 23,909.05 अंक पर ट्रेड कर रहा था।

अब सभी निवेशकों के मन में यह सवाल आ रहा है कि गुरुवार से पहले बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है लेकिन फिर अब एकदम से पीछले दो दिन में ऐसा क्या हुआ की शेयर बाजार में ये बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। चलिए इसका कारण जानते हैं।

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1. वेस्ट एशिया तनाव और ट्रंप के बयान से दबाव

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने बाजार के पहले से कमजोर सेंटीमेंट को और झटका दिया। उन्होंने ईरान को लेकर सख्त रुख दिखाते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिकी कंट्रोल का दावा किया। इस बयानबाजी के बाद कच्चे तेल की कीमतें उछलकर 106 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं, जो इस हफ्ते करीब 18% की तेजी दिखा चुकी हैं।

2. आईटी शेयरों ने गिराया बाजार

आईटी सेक्टर की कमजोरी ने बाजार की गिरावट को और तेज किया। Infosys Ltd के शेयर करीब 5% टूटे, जब कंपनी ने FY27 के लिए 1.5-3.5% की सीमित ग्रोथ गाइडेंस दी। इसी तरह HCL Technologies और Wipro Ltd के आउटलुक ने भी निवेशकों को निराश किया।

इन आईटी कंपनियों के चलते अकेले सेंसेक्स में करीब 300 अंकों की गिरावट आई। Tata Consultancy Services भी दबाव में रहा। बाजार में यह चिंता बढ़ी है कि AI के चलते आईटी सेक्टर में प्राइसिंग प्रेशर और बढ़ सकता है।

3. रुपये में कमजोरी, विदेशी निवेशक बेच रहे शेयर

विदेशी निवेशकों (FPI) की बिकवाली ने बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाला। पिछले हफ्ते खरीदारी के बाद इस हफ्ते वे फिर से बिकवाली पर उतर आए हैं। Geojit Investments के वी.के. विजयकुमार ने कहा कि कच्चे तेल की तेजी और FPI आउटफ्लो के चलते रुपया गिरकर 94.11 तक पहुंच गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह ट्रेंड जारी रहा तो बड़े शेयरों पर दबाव बना रहेगा।

4. विदेशी ब्रोकरेज ने घटाया भरोसा

ग्लोबल ब्रोकरेज JPMorgan और HSBC ने भी भारतीय बाजार पर अपना नजरिया कमजोर किया है। JPMorgan ने भारत को ‘ओवरवेट’ से घटाकर ‘न्यूट्रल’ किया, जबकि HSBC ने ‘अंडरवेट’ रेटिंग दी। उनका मानना है कि महंगाई और मांग पर दबाव आगे कमाई की ग्रोथ को प्रभावित कर सकता है।

कुल मिलाकर, महंगे तेल, वैश्विक तनाव, कमजोर आईटी आउटलुक और विदेशी बिकवाली ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया है।

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