scorecardresearch

पीएम मोदी का IIT दिल्ली में हल्का-फुल्का अंदाज, छात्रों से बोले- 'मैं बाबा बागेश्वर नहीं हूं'

IIT दिल्ली के 57वें कन्वोकेशन सेरेमनी में PM मोदी ने छात्रों के भविष्य, बदलती टेक्नोलॉजी और देश की जिम्मेदारियों पर बात की। लेकिन इसी दौरान उनकी एक बात ने सभी का ध्यान खींचा। आखिर ऐसा क्या हुआ कि PM मोदी को बाबा बागेश्वर का जिक्र करना पड़ा? पढ़िए पूरी खबर।

Advertisement

In Short

  • ‘मैं बाबा बागेश्वर नहीं हूं’ PM मोदी ने छात्रों के भविष्य और उनके अलग-अलग सपनों पर मजाकिया अंदाज में बात की।
  • तेजी से बदल रही दुनिया उन्होंने कहा कि आने वाले 20-30 साल का अंदाजा मुश्किल है इसलिए लगातार सीखना जरूरी है।
  • युवाओं पर बड़ी जिम्मेदारी PM मोदी ने कहा कि अगले 30-35 साल में छात्रों के फैसले विकसित भारत की दिशा तय करेंगे।

PM Modi IIT Delhi convocation 2026: पीएम नरेंद्र मोदी शनिवार को IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने छात्रों को नई शुरुआत के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में पीएम मोदी ने छात्रों के आने वाले कल, उनके सपनों और देश के प्रति उनकी जिम्मेदारियों पर बात की।

advertisement

छात्रों से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने हल्के-फुल्के अंदाज में उनके मन में चल रही भविष्य की बातों का जिक्र किया। उन्होंने मजाक में कहा कि वह बाबा बागेश्वर तो नहीं हैं, लेकिन छात्रों के मन में भविष्य को लेकर कुछ न कुछ जरूर चल रहा होगा। इसी से उन्होंने छात्रों के सपनों और आने वाले सफर की बात आगे बढ़ाई।

‘मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं...’

पीएम मोदी ने कहा कि आज सभी छात्र दीक्षांत समारोह में बैठे हैं, लेकिन उनके मन में भविष्य को लेकर अलग-अलग बातें चल रही होंगी। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं, लेकिन कुछ तो चलता होगा।”

उन्होंने बताया कि किसी छात्र को अपनी पहली नौकरी और पहली सैलरी का इंतजार होगा। कोई स्टार्टअप शुरू करने का सपना देख रहा होगा, तो कोई आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहता होगा। यानी हर छात्र का सपना और लक्ष्य अलग है, लेकिन आज सभी के अंदर एक जैसा उत्साह है।

तेजी से बदल रही है दुनिया

पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया का ग्लोबल ऑर्डर तेजी से बदल रहा है और इसमें टेक्नोलॉजी की बड़ी भूमिका है। आने वाले 20-30 साल में दुनिया कैसी होगी, इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं है।

उन्होंने छात्रों से कहा कि टेक्नोलॉजी बदलेगी और दुनिया भी बदलेगी, लेकिन इस बदलाव के बीच वही लोग आगे बढ़ेंगे जो लगातार नई चीजें सीखते रहेंगे। यानी पढ़ाई खत्म होने के साथ सीखने का सफर खत्म नहीं होना चाहिए।

‘मेडल जीतने वाली लड़कियां और होनी चाहिए थीं’

पीएम मोदी ने छात्रों की उपलब्धियों की तारीफ करते हुए कहा कि कई छात्रों को उनके प्रदर्शन के लिए मेडल मिले हैं। उन्होंने सभी को दिल से बधाई दी। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर मेडल पाने वाले छात्रों में कुछ और लड़कियां होतीं तो और अच्छा होता। उन्होंने सवाल किया कि सिर्फ एक या दो ही क्यों, और भी लड़कियां होनी चाहिए थीं।

हर पीढ़ी की अपनी जिम्मेदारी

पीएम मोदी ने गुलामी के दौर को याद करते हुए कहा कि हर पीढ़ी का अपना राष्ट्रीय दायित्व होता है। आजादी से पहले लोगों के सामने देश को आजाद कराने का लक्ष्य था। इसके लिए उस पीढ़ी ने लंबे समय तक संघर्ष किया और त्याग व बलिदान दिया।

advertisement

उन्होंने कहा कि आज हम आजाद भारत में सांस ले रहे हैं तो इसके पीछे उस पीढ़ी की मेहनत और कुर्बानी है। आज की चुनौतियां अलग हैं, इसलिए आज की जिम्मेदारियां भी अलग हैं।

अगले 30-35 साल देश के लिए अहम

पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि अगले 30-35 साल में वे जो भी काम करेंगे, उसका असर विकसित भारत के सफर पर पड़ेगा। इसलिए हर फैसला लेते समय उन्हें सोचना चाहिए कि इससे देश को क्या फायदा होगा और देश की कौन सी जरूरत पूरी होगी।

उन्होंने छात्रों से IIT दिल्ली में अपने पहले दिन को याद करने को भी कहा। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसा लगता होगा जैसे कल ही ओरिएंटेशन हुआ था और देखते ही देखते दीक्षांत समारोह का दिन आ गया। उन्होंने कहा कि अब सभी छात्रों की जिंदगी में एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है।