SIP की किस्त छूट गई तो क्या होगा? जानिए कब बंद हो सकती है आपकी SIP
SIP की किस्त छूट गई है तो घबराने की जरूरत नहीं है। एक-दो किस्त नहीं भरने पर आपका पहले से लगाया पैसा खत्म नहीं होता। हालांकि लगातार तीन किस्तें छूटने पर SIP बंद हो सकती है। जानिए SIP मिस होने पर आपके निवेश का क्या होता है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

In Short
- SIP की एक-दो किस्त छूटने पर पहले से किया गया निवेश बंद या खत्म नहीं होता है।
- लगातार तीन SIP की किस्त नहीं भरने पर आपकी SIP बंद हो सकती है।
- ऑटो डेबिट फेल होने पर म्यूचुअल फंड कंपनी पेनल्टी नहीं लगाती, लेकिन बैंक चार्ज लगा सकता है।
SIP Missed Installment: म्यूचुअल फंड में SIP करने वाले निवेशकों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि अगर किसी महीने किस्त नहीं भर पाए तो क्या होगा। नौकरी में अनिश्चितता, कारोबार में दिक्कत या अचानक आर्थिक परेशानी की वजह से ऐसा हो सकता है। ऐसे समय में हर महीने SIP की रकम जमा करना मुश्किल हो जाता है। लेकिन SIP में एक-दो किस्त छूट जाने का मतलब यह नहीं है कि आपका पूरा निवेश खत्म हो जाएगा।
किस्त छूटने पर पुराना निवेश बना रहता है
SIP लंबी अवधि का निवेश तरीका है। अगर आप बीच में कुछ किस्तें नहीं भर पाते हैं तो पहले से निवेश किया गया पैसा म्यूचुअल फंड में बना रहता है। वह बाजार के प्रदर्शन के हिसाब से बढ़ या घट सकता है और जरूरत पड़ने पर आप उसे निकाल भी सकते हैं।
यह बीमा पॉलिसी से अलग है। बीमा में समय पर प्रीमियम नहीं भरने पर पॉलिसी निष्क्रिय होने की स्थिति बन सकती है, जबकि SIP में पहले लगाया गया पैसा अपने आप खत्म नहीं होता।
बार-बार किस्त छूटी तो लक्ष्य पर पड़ेगा असर
हालांकि एक-दो किस्त छूटना बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन अगर SIP में लगातार अनियमितता रहती है तो इसका असर आपके फाइनेंशियल गोल पर पड़ सकता है। नियमित निवेश कम होने से लंबे समय में जमा होने वाली रकम भी कम हो सकती है।
ये खबर पढ़ना ना भूलें: क्या बैंक अकाउंट या म्यूचुअल फंड का नॉमिनी ही बन जाता है मालिक? जानिए मौत के बाद किसका होता है असली हक
इससे तय समय पर आपका निवेश लक्ष्य पूरा करना मुश्किल हो सकता है।
लगातार तीन किस्तें छूटीं तो SIP हो सकती है बंद
म्यूचुअल फंड कंपनियां आमतौर पर SIP की किस्त चूकने पर निवेशक पर कोई पेनल्टी नहीं लगाती हैं। लेकिन अगर लगातार तीन SIP किस्तें नहीं भरी जाती हैं तो SIP अपने आप रद्द हो सकती है।
हालांकि बैंक की तरफ से अलग चार्ज लग सकता है। अगर SIP के लिए ऑटो डेबिट लगाया गया है और खाते में पर्याप्त पैसा नहीं होने की वजह से भुगतान नहीं हो पाता, तो बैंक इसके लिए पेनल्टी लगा सकता है।
पैसे की दिक्कत दिख रही है तो पहले ही रोकें SIP
अगर आपको पहले से लग रहा है कि आने वाले महीनों में पैसों की कमी हो सकती है, तो SIP की किस्त बार-बार फेल होने देने के बजाय उसे रोकने का आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए SIP रोकने से करीब 30 दिन पहले रिक्वेस्ट देने की सलाह दी जाती है।
बाद में आर्थिक स्थिति बेहतर होने पर नई SIP दोबारा शुरू की जा सकती है। इस तरह बिना जरूरत के बैंक चार्ज से भी बचा जा सकता है और निवेश की योजना को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है।

